कुंदन कुमार, पटना। बिहार में आगामी विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। एनडीए के भीतर चल रहे असंतोष और बगावत को थामने के लिए मुख्यमंत्री आवास पर एनडीए विधानमंडल दल की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य गठबंधन में एकजुटता का संदेश देना और चुनाव के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।
अंदरखाने बगावत और एनडीए की चिंताएं
बिहार एमएलसी की 8 सीटों के लिए आगामी 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इस चुनाव में जेडीयू और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के भीतर अंतर्कलह और बगावत के सुर उठने लगे हैं, जिससे एनडीए की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
- अनंत सिंह और नीरज कुमार विवाद: जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ जाकर जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है। अनंत सिंह खुलेआम अनुज सिंह के लिए प्रचार कर रहे हैं।
- RLM में भी असंतोष: राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के खिलाफ पार्टी के तीन विधायकों का विरोध और सारण शिक्षक सीट से रामपुकार सिन्हा का निर्दलीय नामांकन भी एनडीए नेतृत्व के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
नेताओं के दावे और डैमेज कंट्रोल की कोशिशें
मुख्यमंत्री आवास पहुंच रहे नेताओं ने हालांकि सब कुछ ठीक होने का दावा किया है। मंत्री रामकृपाल यादव ने बयान देते हुए कहा कि एनडीए पत्थर की तरह एकजुट है, इस पर किसी भी बगावत का असर नहीं पड़ेगा। वहीं, विवादों के केंद्र में रहे विधायक अनंत सिंह ने भी बैठक में शामिल होने की बात कही, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे विधान परिषद चुनाव में जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का ही साथ देंगे।
इस बैठक के जरिए एनडीए का शीर्ष नेतृत्व डैमेज कंट्रोल करने, भीतरघात की आशंकाओं को कम करने और रूठे हुए नेताओं को मनाने की कोशिश में जुटा है ताकि चुनाव में गठबंधन को कोई नुकसान न उठाना पड़े।

