मुजफ्फरपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आगामी विधान परिषद चुनावों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने विश्वास जताया है कि NDA इस चुनाव में सभी 8 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा और प्रशांत किशोर के बयानों की कड़ी आलोचना की।

​NDA की एकजुटता और सभी 8 सीटों पर जीत का दावा

​मुजफ्फरपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्पष्ट किया कि बिहार विधान परिषद की सभी 8 सीटों पर NDA के उम्मीदवार विजयी होंगे। खास तौर पर तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की दोनों सीटों पर NDA की जीत तय मानी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में सीटों का तालमेल बेहद शानदार रहा है, जिसके तहत 4 सीटों पर भाजपा और 4 सीटों पर जदयू के प्रत्याशी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सरावगी ने जानकारी दी कि तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व विधान पार्षद और शिक्षकों के हितों के लिए मुखर रहने वाले डॉ. नरेंद्र कुमार तथा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के अधिकृत उम्मीदवार अभिषेक झा चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वे खुद लगातार सभी आठों निर्वाचन क्षेत्रों का तूफानी दौरा कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर NDA के पक्ष में लहर दिखाई दे रही है।

​महागठबंधन पर आपसी खींचतान

​विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए संजय सरावगी ने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह से बिखराव का शिकार हो चुका है। विधानसभा चुनावों से लेकर राज्यसभा और अब विधान परिषद चुनावों तक में विपक्षी खेमे में भारी आपसी खींचतान देखने को मिल रही है। स्थिति यह है कि गठबंधन के दल एक-दूसरे के खिलाफ ही अपने उम्मीदवार मैदान में उतार रहे हैं। इसके विपरीत, NDA पूरी तरह से एकजुट होकर अनुशासित तरीके से चुनाव लड़ रहा है और यही एकजुटता इस चुनाव में सबसे बड़ा निर्णायक साबित होगी।

​प्रशांत किशोर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

​जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर द्वारा दिए गए बयानों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संजय सरावगी ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे उच्च और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ ‘गोली मारने’ जैसी अपमानजनक भाषा का प्रयोग अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। बिहार की जागरूक जनता इस तरह की भाषा शैली को कभी सहन नहीं करेगी।
​उन्होंने स्पष्ट किया कि सम्राट चौधरी किसी भी विपक्षी दल की अनुकंपा या कृपा से मुख्यमंत्री नहीं बने हैं, बल्कि उन्हें NDA के सभी विधायकों और विधान पार्षदों द्वारा सर्वसम्मति से विधानमंडल दल का नेता चुना गया है। श्री सरावगी ने नसीहत दी कि प्रशांत किशोर जैसे पढ़े-लिखे और प्रबुद्ध लोगों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे सार्वजनिक मंचों पर अपनी गरिमा और भाषा की मर्यादा का विशेष ध्यान रखें।

​सरकार के छह महीने का कार्यकाल और प्रमुख उपलब्धियां

​संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के पिछले छह महीनों के कार्यकाल की उपलब्धियों का भी लेखा-जोखा रखा। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए ऐतिहासिक और नीतिगत फैसलों की सराहना की।

​सरकार के प्रमुख निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि:

  • ​मुजफ्फरपुर में महान स्वतंत्रता सेनानी जुब्बा साहनी के नाम पर एक नए शिक्षण विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
  • ​माता सीता के नाम पर एक विशिष्ट महिला विश्वविद्यालय खोले जाने का प्रावधान किया गया है।
  • ​बेगूसराय में लंबे समय से लंबित विश्वविद्यालय की मांग को पूरा करते हुए वहां भी विश्वविद्यालय निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महज छह महीनों के भीतर कई ऐसे बड़े और जनहितैषी निर्णय लिए हैं जो आने वाले समय में बिहार के शैक्षणिक और सामाजिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल कर रख देंगे।