पटना। बिहार में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से करीब एक सप्ताह पहले ही विदा होने लगा है। आमतौर पर राज्य से मानसून की वापसी 10 से 11 अक्टूबर के आसपास होती है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई है। मानसून की वापसी की रेखा वर्तमान में सुपौल से होकर गुजर रही है, जिससे राज्य में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी हैं। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम और चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम का मिजाज अभी पूरी तरह शुष्क नहीं हुआ है।
मौसम प्रणाली और बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर बांग्लादेश तक एक ट्रफ बना हुआ है, जो बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से गुजर रहा है। इसके अलावा उत्तर-मध्य बिहार से ओडिशा तक एक अन्य ट्रफ और ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
- उत्तर बिहार के जिले: नेपाल से सटे उत्तर बिहार के करीब 8 जिलों में आज तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
- हल्की बूंदाबांदी: बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से 6 से 9 अक्टूबर के बीच कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।
- पटना का मौसम: पटना और आसपास के इलाकों में मुख्य रूप से तेज धूप और उमस भरी गर्मी बनी रहेगी, हालांकि आसमान में हल्के बादल छा सकते हैं।
बाढ़ की स्थिति और राहत कार्य
एक तरफ जहां मानसून की विदाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य के 6 जिलों के लगभग 466 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं।
- प्रभावित आबादी: राज्यभर में करीब 8 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
- राहत एवं बचाव: प्रशासन द्वारा अब तक लगभग 92,730 बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
- प्रमुख जिले: सारण जिले में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है, जबकि पटना में गंगा नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे घटने लगा है।
आने वाले हफ्तों में कैसा रहेगा मौसम
आने वाले दिनों में बिहार से मानसून का असर पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा। दिन के समय तेज धूप और गर्मी बनी रहेगी, जबकि अक्टूबर की विदाई के साथ सुबह और रात के तापमान में हल्की ठंडक महसूस होने लगेगी। उत्तर बिहार के कुछ हिस्सों में स्थानीय मौसमी बदलाव के कारण छिटपुट गरज-चमक या हल्की फुहारें देखने को मिल सकती हैं।

