पटना। बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पिछले 45 दिनों से अधिक समय से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर डटे हुए हैं। अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए इन अभ्यर्थियों ने हाल ही में एक अनोखा तरीका अपनाया और थाली-चम्मच बजाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके हाथों में तिरंगा झंडा भी नजर आया। अभ्यर्थियों का कहना है कि इतने लंबे समय से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के बावजूद सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, इसलिए उन्हें इस प्रकार का प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा है।

​कोराना काल की तर्ज पर अनोखा विरोध

​अभ्यर्थियों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल के दौरान देशवासियों से थाली और सूप-चम्मच बजवाए थे, उसी तर्ज पर आज वे भी अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। इससे पहले भी ये अभ्यर्थी अपनी अनोखी शैली में विरोध दर्ज करा चुके हैं। गर्दनीबाग में ही उन्होंने छठ पूजा की परंपरा का अनोखा उदाहरण पेश किया था, जहां पीली धोती पहने अभ्यर्थियों ने हाथों में सूप और कलश लेकर पूरी शांति के साथ सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया था।

1200 महिला सीटों पर पुरुष अभ्यर्थियों का दावा

​इन अभ्यर्थियों की मुख्य और सबसे बड़ी मांग भर्ती प्रक्रिया में खाली रह गई 1200 से अधिक महिला सीटों को उसी श्रेणी के योग्य पुरुष उम्मीदवारों से भरने की है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो इन रिक्त सीटों को बेकार जाने देने के बजाय संबंधित श्रेणी के योग्य पुरुषों को मौका दिया जाना चाहिए। एक अभ्यर्थी रंजीत ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वे पिछले कई हफ्तों से धरने पर बैठे हैं और अब घर से भी ताने मिलने लगे हैं कि वे पढ़ाई छोड़कर सिर्फ धरना दे रहे हैं। मगर उनका साफ कहना है कि यदि वे अपने हक की लड़ाई खुद नहीं लड़ेंगे, तो उनके लिए कौन लड़ेगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब दरोगा भर्ती में नियमों के तहत बची हुई सीटें अन्य योग्य अभ्यर्थियों को दी जाती हैं, तो फिर ड्राइवर भर्ती में ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है।

​पुलिस की सख्ती और सीएम हाउस घेराव की कोशिश

​इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस ने इस प्रदर्शन के शुरू होने से पहले ही गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास जुटे अभ्यर्थियों को खदेड़ कर हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने वहां भारी बैरिकेडिंग कर दी थी और अंदर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। बावजूद इसके, युवाओं का हौसला कम नहीं हुआ है और वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।