पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग प्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में पुलिस मुख्यालय में गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का बारीकी से आकलन किया गया।

​संवेदनशील स्थलों पर पैनी नजर

​समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी सामने आई कि राज्य के सभी जिलों में संवेदनशील इलाकों और अपराध संभावित क्षेत्रों (क्राइम स्पॉट) की पहचान कर ली गई है। इन जगहों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों और लोकप्रिय सेल्फी पॉइंट्स पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाए। इन क्षेत्रों में सुरक्षा को अचूक बनाने के लिए विशेष ‘सुपर पेट्रोलिंग’ व्यवस्था लागू करने को कहा गया है, ताकि पर्यटक सुरक्षित महसूस कर सकें।

​अधिकारियों की जवाबदेही तय

​बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि थानों के स्तर पर आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए नियमित रूप से जनसंवाद बैठकें आयोजित की जाएंगी। गृह विभाग के प्रधान सचिव ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), अंचल पुलिस निरीक्षकों और थाना प्रभारियों (SHO) को कड़ी चेतावनी दी है कि वे अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। कोताही मिलने पर सीधे तौर पर इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

​सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्ती और तकनीकी सुदृढ़ीकरण

​अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर तकनीकी इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। CCTNS, सीसीटीवी कैमरों, पुलिस कंट्रोल रूम, जिला नियंत्रण कक्ष और वायरलेस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में नशीली दवाओं (नारकोटिक्स) की तस्करी रोकने के लिए विशेष खुफिया तंत्र मजबूत करने और विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने पर बल दिया गया। साइबर अपराध पर लगाम कसना भी पुलिस की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।

​किशनगंज पुलिस की ‘गुड मॉर्निंग वॉक’ पहल की सराहना

​बैठक का एक सकारात्मक पहलू किशनगंज पुलिस की अनूठी पहल रही। वहां पुलिस अधिकारियों द्वारा सुबह आम जनता के साथ ‘गुड मॉर्निंग वॉक’ कर संवाद स्थापित किया जाता है, जिसकी उच्चाधिकारियों ने जमकर सराहना की। पुलिस मुख्यालय ने राज्य के अन्य सभी जिलों को भी इस तरह की रचनात्मक और जन-मैत्री पहल अपने स्तर पर शुरू करने के लिए प्रेरित किया है, जिससे जनता और पुलिस के बीच की दूरियां कम हो सकें।