पूर्णिया। बिहार में शराबबंदी कानून को धरातल पर उतारने की कोशिश कर रही पुलिस टीम एक बार फिर हिंसक भीड़ का शिकार हुई है। मामला पूर्णिया जिले के मरंगा थाना अंतर्गत सतकोदरिया गांव का है, जहां अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर स्थानीय असामाजिक तत्वों और शराब कारोबारियों ने जानलेवा हमला कर दिया।

​गुप्त सूचना पर कार्रवाई

​मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार को सूचना मिली थी कि सतकोदरिया गांव में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का निर्माण और बिक्री की जा रही है। जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो वहां मौजूद शराब माफियाओं ने ग्रामीणों को उकसाकर पुलिस के खिलाफ लामबंद कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर ईंट-पत्थरों की बारिश शुरू कर दी।

​सरकारी संपत्ति को नुकसान

​इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उपद्रवियों ने पुलिस के सरकारी वाहन को पत्थरों से कूचकर चकनाचूर कर दिया। अपनी ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों को जान बचाने के लिए इधर-उधर शरण लेनी पड़ी। इस हिंसक झड़प में एक पुलिसकर्मी घायल हुआ है, जिसका उपचार जारी है।

​सख्त एक्शन मोड में पुलिस प्रशासन

​घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल ने मोर्चा संभाला, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक (SP) स्वीटी सहरावत ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस पर हमला अक्षम्य है। पुलिस ने 8 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। वर्तमान में गांव में तनावपूर्ण शांति है और पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।