सुरेश पांडेय, सिंगरौली। जिले के गजरा बहरा कोल यार्ड में प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है। संचालक न तो पानी का छिड़काव कर रहे न ही कोई कार्रवाई हो रही है। प्रदूषण से किसानों की फसल बर्बाद हो रही और लोगों को खांसी-दमा जैसी बीमारियां हो रही हैं। सड़क पर डस्ट से हादसे भी हो रहे हैं। प्रदूषण से आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है।
मामला विचाराधीन होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं
लोगों का कहना है कि जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदूषण विभाग को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और कोलयार्ड संचालक को नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करना चाहिए। लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। प्रदूषण विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि कोल यार्ड संचालक के खिलाफ डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है। मामले को लेकर कोल यार्ड संचालक हाईकोर्ट चला गया है। न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
आए दिन हादसे हो रहे
सबसे दुखद बात यह है कि न्यायालय में मामला विचाराधीन है तो वहां की स्थानीय जनता को जिला प्रशासन मरने की कगार पर छोड़ रहा है जिससे आए दिन हादसे तो हो ही रहे हैं। कई गंभीर बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे हैं। आदिवासी इलाका होने के वजह से गरीब परिवार के बच्चे बुजुर्ग अपने घर के भीतर ही दम तोड़ रहे हैं। अगर समय रहते प्रदूषण विभाग एवं जिला प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाता है तो आक्रोशित और पीड़ित लोग आंदोलन करेंगे।

