कुंदन कुमार/पटना। बिहार सरकार वर्ष 2016 से राज्य के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन उपलब्ध करा रही है। इस योजना के माध्यम से छात्र देश-विदेश के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान में पढ़ाई कर सकते हैं। सरकार ने अब तक इस योजना के तहत पढ़ाई पूरी कर चुके 3 लाख 89 हजार 363 युवाओं का ब्याज माफ कर दिया है।

मूलधन नहीं लौटाने वालों की बढ़ी संख्या

ब्याज माफी के बावजूद बड़ी संख्या में युवा सरकार को लोन का मूलधन वापस नहीं कर रहे हैं। ऐसे छात्रों की सूची जिला स्तर पर निबंधन सह परामर्श केंद्र द्वारा तैयार की गई है। जनवरी के अंत तक राज्य के सभी 38 जिलों में 62,436 युवाओं पर सर्टिफिकेट केस दर्ज करने की तैयारी है।

पटना जिला सबसे आगे

राजधानी पटना जिले में ही 6,938 युवाओं ने लोन की राशि लौटाना शुरू नहीं किया है। बिहार राज्य वित्त निगम की सहायक महाप्रबंधक कुमारी नीतू ने बताया कि पटना जिले में अब तक करीब 5,000 युवाओं को लोन दिया गया है और आवेदनों की जांच व निष्पादन की प्रक्रिया तेज़ी से की जा रही है।

2018 के बाद के लाभार्थियों को राहत

योजना के तहत वर्ष 2018 के बाद लोन लेने वाले और समय पर किस्त व ब्याज चुकाने वाले छात्रों को विशेष राहत दी गई है। उनकी जमा की गई राशि वापस नहीं ली जाएगी और शेष रकम पर ब्याज भी नहीं लगेगा।

अच्छी योजना, लेकिन विडंबना भी

निश्चित तौर पर यह योजना छात्रों के लिए लाभकारी है, लेकिन 62,436 युवाओं द्वारा मूलधन न लौटाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे मामलों में अब सरकार कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है।