कुंदन कुमार/ पटना। बिहार विधान परिषद में शुक्रवार का सत्र काफी हंगामेदार रहा। विपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था और शराबबंदी की विफलता को लेकर नीतीश सरकार को जमकर घेरा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसका नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी कर रही थीं।

​रामराज के दावे पर राबड़ी देवी का कड़ा प्रहार

​प्रदर्शन के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए राबड़ी देवी ने सरकार के ‘सुशासन’ और ‘रामराज’ के दावों पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग बिहार में रामराज होने का ढोंग कर रहे हैं, जबकि हकीकत इसके उलट है। राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधी बेखौफ हैं और हत्याओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।

​महिलाओं की सुरक्षा और अपराध पर उठाए सवाल

​पूर्व मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि बिहार में छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन इन घटनाओं को रोकने में अक्षम क्यों साबित हो रहा है और सरकार की चुप्पी का क्या कारण है?

​शराबबंदी की विफलता और जहरीली शराब का मुद्दा

​शराबबंदी कानून को लेकर भी राबड़ी देवी ने सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी सिर्फ कागजों पर है, धरातल पर कहीं भी इसका असर नहीं दिख रहा। जहरीली शराब से हो रही मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोग जान गंवा रहे हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही लेने के बजाय पल्ला झाड़ रही है। विपक्ष ने मांग की कि सरकार इन गंभीर मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करे।