Weather news: उत्तर-पश्चिम भारत से भले ही मानसून की विदाई शुरू हो चुकी हो, लेकिन बिहार में इसका असर अभी भी पूरी तरह बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश और सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में आंधी-तूफान और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है, साथ ही नदियों के बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

​मौसम विभाग का अलर्ट और जिलों का हाल

​मौसम विभाग ने आज राज्य के 19 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका जताई गई है। राजधानी पटना समेत लगभग 11 जिलों में पिछले 24 घंटों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। इस मौसमी हलचल के बीच तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, हालांकि बारिश के थमने के बाद दो से चार डिग्री तक तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
​अचानक बदली स्थिति के कारण राजधानी पटना के पंडारक थाना क्षेत्र अंतर्गत दरगाही टोला में एक विशाल इमली का पेड़ एनएच-31 पर गिर गया, जिससे यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया था।

​हादसों में चार लोगों की गई जान

​प्रतिकूल मौसम और आंधी-तूफान ने कई परिवारों पर कहर ढाया है।

  • ​समस्तीपुर जिला: तेज आंधी के दौरान एक खतरनाक पेड़ के गिरने से दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 3 छात्राओं की मौत हो गई।
  • ​बांका जिला: भारी बारिश और नमी के प्रभाव से एक जर्जर दीवार अचानक ढह गई, जिसके मलबे में दबने से एक महिला की जान चली गई।

​प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम और तेज हवाओं के दौरान पक्के मकानों में रहें और पेड़ों या कमजोर दीवारों के पास खड़े होने से बचें।

​कोसी नदी में उफान

​नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि की आशंका है। इसे गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग ने सभी संबंधित इंजीनियरों को हाई अलर्ट पर रखा है।

  • ​कोसी बराज से भारी मात्रा में पानी डिस्चार्ज किए जाने की संभावना है।
  • ​जिला प्रशासन द्वारा माइकिंग के माध्यम से नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है।
  • ​सहरसा जिले के नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ प्रखंड के अंतर्गत आने वाली करीब 35 पंचायतों को विशेष रूप से खतरे की जद में माना गया है।
  • ​प्रशासन ने तटबंध के भीतर जीवनयापन कर रहे नागरिकों और स्थानीय नाविकों को पूरी तरह सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर शरण लेने के सख्त निर्देश दिए हैं।

​मानसून की वापसी और मौसमी सिस्टम का प्रभाव

​मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार में वर्तमान बारिश के पीछे एक साथ कई सिस्टम सक्रिय हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून की मुख्य वापसी देश के कई हिस्सों जैसे गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ और उदयपुर आदि से शुरू हो चुकी है, लेकिन बिहार से इसकी विदाई में अभी कुछ वक्त शेष है।
​इसके अतिरिक्त, आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय क्षेत्रों के पास बना एक गहरा डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है, जो धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में बने वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से वातावरण में नमी और अस्थिरता बनी हुई है। इसी मिले-जुले मौसमी प्रभाव के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियां लगातार देखने को मिल रही हैं।