Bihar Weather Report: मौसम विभाग ने आज रामनवमी के दिन 27 मार्च को पूरे बिहार में गरज-चमक के साथ तेज बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। इस दौरान आंधी के साथ आसमान से आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। इसे लेकर विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।
18 जिलों में गिरेंगे ओले
मौसम विभाग ने आज प्रदेश भर में मौसम के ज्यादा खराब रहने का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पूरे बिहार में तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, आसामन से आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, और अरवल सहित कुल 18 जिलों में ओलावृष्टि होने को लेकर भी अलर्ट जारी किया है।
30 मार्च तक आंधी-बारिश का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार 30 मार्च तक बारिश वाला मौसम रहेगा। विभाग ने इन दिनों के लिए पूरे बिहार में येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। हालांकि राजधानी पटना में सिर्फ 27 मार्च को मौसम के खराब रहने और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बाकी दिन मौसम शुष्क बना रहेगा।
26 मार्च रहा सबसे गर्म दिन
कल की बात करे तो 26 मार्च इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। सुबह से ही तेज धूप के कारण लोगों को दिन भर उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। राज्य के कई जिलों में पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, रोहतास, कैमूर समेत दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों का तापमान 36 से 38 डिग्री के बीच रहा। पटना में 35 के करीब पारा रहा।
सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर
मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ सकता है। कभी ठंड तो कभी गर्मी के कारण सर्दी-खांसी और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को परतदार कपड़े पहनें, पर्याप्त पानी पिने और ताजा भोजन करने की सलाह दी है। इसके साथ ही बारिश के दौरान भीगने से बचने की सला दी है।
फसलों के नुकसान होने का खतरा
पिछले दिनों बमौसम हुए आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। बारिश के होने से कटाई के लिए तैयार गेहूं और मक्का की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गए। वहीं, खेतों में हुए जलजमाव के कारण सब्जियों और आम व लीची के भी फसलों को नुकसान पहुंचा। कई जिलों में फसलों के 60 फीसदी तक नुकसान होने का अनुमान जताया गया है। ऐसे में यदि फिर से बारिश होती है, तो बचे-कुचे फसलों के भी बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है।
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