पटना। बिहार में मौसम का मिजाज फिलहाल गर्म और उमस भरा बना हुआ है। आज प्रदेश के ज्यादातर जिलों में मौसम सामान्य रहने और दिनभर धूप निकलने की संभावना है। इसके चलते लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 6 अक्टूबर से मौसम में बदलाव के संकेत हैं। इस दौरान कई जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
बीते 24 घंटे के दौरान बिहार में अधिकतम तापमान करीब 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के ज्यादातर जिलों में धूप खिली रही, जबकि पटना में हल्के बादल छाए रहे। मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल बारिश कराने वाली कोई मजबूत मौसमी प्रणाली सक्रिय नहीं है। ऐसे में आसमान साफ रहने और तेज धूप के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
पटना में भी गर्मी का असर
बारिश के बाद वातावरण में नमी बनी हुई है। ऐसे में धूप निकलने से जमीन गर्म होगी और नमी के कारण उमस बढ़ेगी। पटना समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आज बारिश की संभावना कम है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस होगी, जबकि रात में भी नमी के चलते लोगों को पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
इस दिन से बदल सकता है मौसम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 6 अक्टूबर के आसपास मौसमी परिस्थितियों में बदलाव हो सकता है। वातावरण में अस्थिरता बढ़ने से बादल बनने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों में तेज हवा, आंधी और वज्रपात का भी खतरा रह सकता है। हालांकि, बारिश का प्रभाव किन जिलों में अधिक रहेगा, यह आने वाले दिनों के पूर्वानुमान से स्पष्ट होगा।
4 लाख की आबादी पर संकट
एक तरफ गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंडक नदी के उफान और तटबंध टूटने से सारण समेत छह जिलों के करीब 255 गांव प्रभावित हैं। लगभग 4 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि करीब 44 हजार लोगों को घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
सारण में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। यहां तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी तेजी से आबादी वाले इलाकों में फैल गया है और करीब 170 गांव प्रभावित बताए गए हैं। गोपालगंज के शीतलपुर में रिंग तटबंध और साहेबगंज-भागलपुर रेलखंड पर रेलवे तटबंध टूटने से भी हालात बिगड़े हैं। मुंगेर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से दियारा और निचले इलाकों में पानी फैल रहा है।
कटिहार में कोसी नदी खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर और गंगा 24 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ के तेज बहाव में तीन युवकों की मौत हो चुकी है। प्रभावित इलाकों में भारतीय वायु सेना के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

