सुपौल। बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। कहीं चिलचिलाती धूप है, तो कहीं आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। सुपौल और खगड़िया जिलों में देर रात आई भीषण आंधी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खगड़िया में तेज हवाओं के चलते कई कच्चे घर गिर गए हैं और सैकड़ों पेड़ उखड़कर नेशनल हाई-वे पर आ गिरे, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और लंबा जाम लग गया है।

​सुपौल और खगड़िया में भारी नुकसान

​आंधी की मार सुपौल में भी देखने को मिली है। यहां पेड़ों के गिरने से न केवल घरों को क्षति पहुंची है, बल्कि खेतों में लगी फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित इलाकों में लोग अपने टूटे घरों को समेटने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन सड़कों से पेड़ हटाकर यातायात बहाल करने में जुटा है।

​पटना में राहत, 3 जिलों में बारिश का अलर्ट

​राजधानी पटना समेत कई शहरों में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं। ठंडी हवाएं चलने से लोगों को बढ़ती गर्मी से काफी राहत मिली है और मौसम खुशनुमा बना हुआ है। हालांकि, किशनगंज में सुबह के वक्त हल्का कोहरा देखा गया। मौसम विभाग ने कैमूर, बक्सर और रोहतास जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है।

​तापमान और ओलावृष्टि का रिकॉर्ड

​पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे गर्म स्थान डेहरी (37.4°C) रहा, जबकि किशनगंज (19.8°C) में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। मंगलवार को वैशाली और नवादा में हल्की बारिश हुई, जबकि पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी में तेज हवा के साथ ओले गिरे। मधेपुरा में हवा की रफ्तार 24 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई।

​क्यों बदल रहा है मौसम?

​वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय गर्मी का असर एक साथ दिख रहा है। दिन में तेज धूप के कारण जमीन गर्म हो रही है, वहीं विक्षोभ के चलते आ रही नमी वातावरण में अस्थिरता पैदा कर रही है। यही कारण है कि अचानक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हो रही है।

​6 अप्रैल को लेकर चेतावनी

​सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि 4 अप्रैल से मौसम फिर बदलेगा। विभाग के अनुसार, 6 अप्रैल को पूरे बिहार में आंधी, बारिश और ठनका (वज्रपात) गिरने की प्रबल संभावना है। अगले कुछ दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद पुनः गिरावट आएगी।