कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार की मंत्री श्वेता गुप्ता ने हाल ही में महिलाओं की सुरक्षा और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने हालिया जमुई की घटना का हवाला देते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में पूरी तरह सजग है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

​जमुई घटना और पुलिस कार्रवाई

​मंत्री श्वेता गुप्ता ने जमुई में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन ने इस मामले में बेहद मुस्तैदी से काम किया है। घटना के महज 24 घंटे के भीतर ही अपराधियों को धर दबोचा गया। इतना ही नहीं, इस घटना के मुख्य अपराधी का ‘हाफ एनकाउंटर’ कर यह साफ कर दिया गया है कि राज्य में कानून से खिलवाड़ करने वालों का क्या हश्र होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार सरकार अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

​ नीतीश कुमार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सुशासन

​अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश के पू्र्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा राज्य में सुशासन का राज कायम किया है और वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भी इसी कानून-व्यवस्था और सुशासन की नीति को पूरी सख्ती से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का यह स्पष्ट विजन है कि यदि कोई भी व्यक्ति महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या बदसलूकी करने की कोशिश करेगा, तो स्थानीय प्रशासन उस पर तुरंत और कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

​अपराधियों में खौफ और प्रशासनिक प्रतिबद्धता

​मंत्री ने विश्वास जताया कि जब अपराधियों को उनके कुकृत्यों की सजा समय पर और कड़े रूप में मिलेगी, तभी उनके मन में कानून का वास्तविक खौफ पैदा होगा। प्रशासन किसी भी परिस्थिति में अपराधियों को छूट देने के पक्ष में नहीं है। चाहे अपराधी कोई भी हो, उसकी सामाजिक या राजनीतिक पृष्ठभूमि कुछ भी क्यों न हो, उसे कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा और सख्त सजा दिलाई जाएगी।

​वायरल वीडियो और नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी

​इस पूरे मामले के बीच एक अहम पहलू पर रोशनी डालते हुए श्वेता गुप्ता ने जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जमुई की घटना से जुड़ा जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, वह बेहद चिंताजनक है। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि किसी भी व्यक्ति की प्राइवेसी (निजता) का उल्लंघन न करें। संवेदनशील मामलों में वीडियो या तस्वीरें साझा करने से बचना चाहिए और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।