Bilaspur News Update : बिलासपुर। सड़क पर आतिशबाजी व बर्थडे सेलिब्रेट करने वाले रईसजादों पर सरकंडा पुलिस ने मंगलवार को केस दर्ज कर लिया है। वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस बुलेट और स्कूटी समेत चारों युवक-युवतियों को थाने लेकर आई। उनके खिलाफ सड़क यातायात बाधित करने व लापरवाही बरतने की अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। अशोक नगर निवासी एक ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि 21 फरवरी की रात करीब 10:30 बजे जब वह काम से कोनी रोड की ओर जा रहा था। तभी राधाकृष्ण मंदिर के पास मुख्य मार्ग पर भारी भीड़ जमा थी। बुलेट सीजी 04 एसयू 0562 और स्कूटी सीजी 10 एसी 6822 के सवार युवक युवतियों ने बीच सड़क पर ही गाड़ियां अड़ा दीं। बाइक की सीट पर केक रखकर काटते हुए आतिशबाजी कर रहे थे। इस हरकत से न केवल यातायात बाधित हुआ, बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बनी रही।

3 साल में सरकारी जमीन पर कब्जे के 708 मामले, सदन में उठा मुद्दा
बिलासपुर। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने विधानसभा में बिलासपुर जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वर्ष 2023-24 से अब तक मिली शिकायतों का ब्योरा मांगते हुए पूछा कि कितने कॉलोनाइजर के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुईं और उन पर क्या कार्रवाई की गई।
जवाब में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि इस अवधि में कुल 708 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें 695 मामले राजस्व विभाग से जुड़े हैं, जबकि 13 मामले नगरीय प्रशासन विभाग के हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर कब्जे से जुड़े मामलों में 6 शिकायतें सीधे कॉलोनाइजर के खिलाफ दर्ज की गई हैं। इनमें 4 प्रकरण राजस्व विभाग तथा 2 नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत हैं। संबंधित विभागों ने इन मामलों में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि कई प्रकरणों का निराकरण विभागीय स्तर पर किया गया है। गंभीर मामलों में न्यायालयीन कार्रवाई की गई है, वहीं कुछ मामलों में बेदखली आदेश भी जारी किए गए हैं। सरकार ने दोहराया कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। सदन में उठे इस सवाल के बाद जिले में शासकीय जमीनों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नजरें टिक गई हैं।
बिना अनुमति निर्माण, निगम ने 5 दुकानों पर जड़ा ताला
बिलासपुर। शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइंस कॉलेज सीपत रोड क्षेत्र में बिना अनुमति बनाए जा रहे 5 दुकानों को सील कर दिया। निगम अधिकारियों के मुताबिक संबंधित निर्माणकर्ता शहनवाज बटलर को पहले ही नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन समय सीमा के भीतर कोई वैध अनुमति या स्वीकृति प्रस्तुत नहीं की गई। इसके बाद निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों को सील कर दिया।
निगम अधिकारियों ने बताया कि 3 फरवरी और 17 फरवरी को नोटिस जारी कर निर्माण से संबंधित नक्शा, अनुमति पत्र और अन्य दस्तावेज मांगे गए थे। नोटिस के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई। निगम का कहना है कि संबंधित निर्माण बिना भवन अनुज्ञा के किया जा रहा था, जो नियमों के विपरीत है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बता दें कि शहर के विभिन्न इलाकों में भी बिना अनुमति मकान, दुकान और कॉम्प्लेक्स निर्माण के मामले सामने आ रहे हैं। कई स्थानों पर आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा है, जबकि कुछ जगहों पर स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण की शिकायतें मिल रही हैं।
अरपा भैंसाझार परियोजना में 23.46 करोड़ की अनियमितता का मामला फिर गूंजा सदन में
बिलासपुर। बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने अरपा भैंसाझार परियोजना में 23.46 करोड़ रुपए के कथित फर्जी भुगतान का मामला विधानसभा में उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब 14 जुलाई 2025 को दिए गए उत्तर में परियोजना में अनियमितता स्वीकार की जा चुकी है, तो बताएं कि अब तक दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई? पूर्व स्पीकर कौशिक ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से सवाल करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से इस मामले को सदन में उठाया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल से इस परियोजना में भ्रष्टाचार का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब तक थमा नहीं है।
जवाब में मंत्री वर्मा ने बताया कि मामले की जांच ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि 16 जुलाई 2025 को प्रारंभिक जांच पंजीबद्ध कर ली गई है और जांच प्रक्रियाधीन है। सरकार दोषियों को बख्शेगी नहीं और जांच पूरी होते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक कौशिक ने सदन में कहा कि इस परियोजना की नींव पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में रखी गई थी, जिसका शिलान्यास पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के सत्ता में आते ही इस महत्वाकांक्षी योजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ। कागजों में लाइनिंग और डिजाइन बदले गए और करोड़ों रुपए के मुआवजे में अनियमितताएं की गईं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से मामले को लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है। जो तथ्य सामने हैं, उन पर भी ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। यह केवल एक गांव का उदाहरण है, जबकि पूरे छत्तीसगढ़ में इसी तरह परियोजनाओं में करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने सरकार से समयबद्ध जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
नाबालिग से रेप के आरोपी को पुलिस ने तीन घंटों में किया गिरफ्तार
जांजगीर। नाबालिग बालिका से रेप के आरोपी को पुलिस ने एफआईआर के तीन घंटों में ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विजय केंवट निवासी बलौदा थाना बलौदा जिला जांजगीर के खिलाफ नाबालिक बालिका को शादी का प्रलोभन देकर डरा धमका कर सूनेपन का फायदा उठाकर अनाचार करने की सूचना प्राप्त होने पर थाना बलौदा में एफआईआर किया गया। घटना को गंभीरता से ले पुलिस अधीक्षक विजय पांडे के निर्देश पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
लाइन से मुक्ति : जिला अस्पताल में शुरू हुआ ऑनलाइन ओपीडी पंजीयन
मुंगेली। जिला चिकित्सालय मुंगेली में अब मरीजों को ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी। मरीज अथवा उनके परिजन घर बैठे मोबाइल ऐप ‘आभा’ के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकेंगे। इसके अतिरिक्त अस्पताल परिसर में उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन कर भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्राप्त की जा सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित ‘आभा’ मोबाइल एप्लीकेशन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और सुलभ बनाना है। इस ऐप के माध्यम से मरीज अपने मोबाइल पर ही ओपीडी पंजीयन कर सकते हैं। खास बात यह है कि प्रत्येक पंजीकृत मरीज को एक डिजिटल ‘आभा कार्ड’ प्राप्त होगा, जिसमें एक विशिष्ट 14 अंकों का यूनिक आईडी नंबर होगा। इस आईडी में मरीज की संपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी, पूर्व जांच रिपोर्ट और उपचार विवरण सुरक्षित रहेंगे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शीला साहा ने बताया कि इस सुविधा से किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में मरीज की मेडिकल हिस्ट्री तत्काल उपलब्ध हो सकेगी, जिससे उपचार प्रक्रिया और अधिक सटीक एवं त्वरित होगी। यह पहल स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. राय ने बताया कि ‘आभा’ ऐप का उपयोग पूरी तरह निःशुल्क है और इसे आमजन की सुविधा को ध्यान में रखकर सरल बनाया गया है। पंजीयन के समय मरीज या परिजन को अस्पताल परिसर में प्रदर्शित क्यूआर कोड स्कैन करना होगा, जिससे संबंधित जिला अस्पताल का चयन स्वतः हो जाएगा।
अपराधियों के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
कोरबा पुलिस अपराधियों एवं अवैध गतिविधियों को संचालित करने वालों के विरुद्ध ताबड़तोड़ अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। पुलिस के सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत 22 वारंटियों की गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में एक स्थाई वारंटी शामिल है। कोरबा जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखना अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी के द्वारा खड़े दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। उक्त निर्देश के परिपालन में जिले के दोनों एडिशनल एसपी और तीनों एसडीओपी तथा थाना और चौकी प्रभारियों के द्वारा अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान कुल 22 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक स्थाई वारंटी शामिल है। सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अवैध गतिविधि,अपराध अथवा अवैध शराब के निर्माण और बिक्री की सूचना देवें।
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