Bilaspur News Update : बिलासपुर. एक पूर्व सैनिक ने सरकारी पट्टे की जमीन को खुद का बताकर 10 लाख रुपए में बेच दिया और रजिस्ट्री होने के बाद उसने जमीन के नामांतरण पर रोक लगवा दिया. इस मामले में सिविल लाइन पुलिस धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच कर रही है. सिविल लाइन पुलिस के अनुसार जरहाभाठा सुभाष काम्पलेक्स में रहने वाली नीता ठाकुर पति मेघराज सिंह ठाकुर ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. रिपोर्ट में बताया गया है कि उसके पति मेघराज सिंह ठाकुर की पहचान सीपत क्षेत्र के ग्राम पंधी में रहने वाले पूर्व सैनिक कमलकांत श्रीवास से रही. उसने बताया कि, पंधी में उसका 5 एकड़ 18 डिसमिल जमीन है और उसे बेचना है. मेघराज ने जमीन के लिए पूर्व सैनिक के साथ 10 लाख रुपए में सौदा तय कर लिया.

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इसके बाद 29 मई 2014 को उक्त जमीन की रजिस्ट्री कराई गई. जमीन के एवज में कमलकांत श्रीवास को 10 लाख रुपए दिया गया. इसके बाद पूर्व सैनिक ने अपनी ओर से जमीन के नामांतरण पर रोक लगवा दिया इसी बीच मेघराज को पता चला कि, जिस जमीन को कमलकांत ने उसे बेचा है. वह सरकारी पट्टे की जमीन है और अहस्तांररणीय है. राजस्व अभिलेखों में जमीन सरकारी पट्टेदार के रूप में दर्ज है. इस मामले में सिविल लाइन पुलिस ने कमलकांत श्रीवास के खिलाफ ठगी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

फर्जी UPI ट्रांजेक्शन से धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार 

बिलासपुर. फर्जी यूपीआई ट्रांजेक्शन दिखाकर धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है. इस मामले में सकरी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार अदालत में पेश किया और अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया. सकरी पुलिस के अनुसार सुमन शुक्ला पति बलराम तिवारी 38 वर्ष परशुराम चौक राजकिशोर नगर सरकंडा में रहती है और सकरी क्षेत्र में अंबिका क्लीनिक चलाती है. आरोपी सुधीर बरामते जो कि अपने बच्चे का उपचार कराने आता था उससे उसकी जान पहचान हो गई. आरोपी 9 सितंबर 2025 को आया और इलाज से सबंधित दवाइयां ली और सुमन से 3500 हजार रुपए ले लिया. शाम को उसने रुपए वापस करने का एप से ट्रांजेक्शन दिखाया. सुमन ने उस समय अकाउंट चेक नहीं किया. इसके बाद सुधीर ने 10 सितबंर को 2500, 11 को 2000 हजार, 12 को 2500 हजार, 13 को 3500 हजार, 14 को 2500 हजार, 17 को 2000 हजार रुपए ले लिया. उसने लिए गए रुपए को एकाउंड में दिए जाने का ट्रांजेक्शन दिखाया था. वहीं सुमन ने जब अपना अकाउंट चेक किया तो उसमें रुपए नहीं आया था. 19 सितंबर को सुबह 10 बजे सुधीर एक बार फिर सुमन के क्लिनिक पहुंचा और उसने 1000 हजार रुपए की मांग की. इस पर सुमन ने बताया कि पहले दिए गए पैसे उसके अकाउंड में नहीं आया है. उसने उसे ट्रान्जेक्शन हिस्ट्री दिखाने को कहा. इस पर आरोपी ने कहा कि, हिस्ट्री दूसरे मोबाइल में होने की बात कहकर चला गया. इस पर उसे ठगी का अहसास हुआ और उसने सकरी थाने में दर्ज कराई गई. सकरी पुलिस ने अपराध दर्ज आरोपी सुधीर बरामते, दलदलिहापारा, सकरी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

आदेश का पालन नहीं करने पर शिक्षा विभाग का क्लर्क सस्पेंड

बिलासपुर. शिक्षा विभाग बिलासपुर में पदस्थ सहा. ग्रेड-02 विकास तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है. शिक्षा विभाग के मुताबिक क्लर्क का प्रशासनिक स्थानांतरण कार्यालय प्राचार्य, शासकीय उच्च. मा. विद्यालय लोहर्सी (सोन) विकास खण्ड मस्तुरी जिला बिलासपुर में किया गया था. आदेश के बाद भी कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने निलंबित कर दिया है.

शिक्षा विभाग के अनुसार क्लर्क विकास तिवारी का तबादला शासकीय उच्च. मा. विद्यालय लोहर्सी (सोन) विकास खण्ड मस्तुरी जिला बिलासपुर में किया गया था. साथ ही विकास तिवारी सहा. ग्रेड-02 को कार्यालयीन आदेश 01 जुलाई 2025 को कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर से स्थानांतरित संस्था कार्यालय प्राचार्यशासकीय उच्च. मा. विद्यालय लोहर्सी (सोन) विकास खण्ड मस्तुरी जिला बिलासपुर के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया था. इसके बाद भी क्लर्क ने नई जगह पर ज्वाइन नहीं किया. लगातार नोटिस के बाद भी क्लर्क ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया. क्लर्क ने तबादला आदेश में संशोधन के लिए आवेदन पेश किया जिसे राज्य सरकार की वरिष्ठ सचिवो की समिति ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्वीकार नहीं किया. इसके बाद भी क्लर्क ने नई जगह पर ज्वाइन नहीं किया और नियमो की अनदेखी की. जिला शिक्षा विभाग ने इसे बिना सूचना के अवकाश पर रहने का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, के विपरित गंभीर कदाचार की श्रेणी में माना और क्लर्क विकास तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है.

26 के बाद पुराने कमिश्नर आफिस में शिफ्ट होगा तहसील कार्यालय

बिलासपुर. समारोह संपन्न होने के बाद नेहरू चौक स्थित तहसील व एसडीएम कार्यालय मुंगेली नाका स्थित पुराने कमिश्नर कार्यालय में शिफ्ट हो जाएगा. इस संबंध में सारे शाखा तहसील प्रमुखों को तैयारी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं. नेहरू के पहले चौक में तैयारी शुरू वतमान तहसील भवन को तोड़कर नया बनाया जाना प्रस्तावित है. भवन निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हो इससे पहले ही भवन को खाली किया जा रहा है. तहसील आफिस की नई बिल्डिंग के निर्माण को शासन की मंजूरी दी जा चुकी है. ड्राईंग डिजाईन बनकर तैयार है, वहीं राशि का इंतजार किया जा रहा है. राशि प्राप्त होते ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर भवन के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी. नए भवन के निर्माण से पहले पुराने भवन को ध्वस्त किया जाएगा. ऐसे में तहसील का कामकाज बाधित हो जाएगा. यही कारण है कि तहसील के कामकाज में किसी भी प्रकार की बाधा न आए इससे पहले ही कार्यालय को अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा है. कमिश्नर कार्यालय के तहसील भवन के लिए करीब डेढ़ साल पहले कोनी में जमीन देखी गई थी, लेकिन शहर से थोड़ा दूर होने के कारण पक्षकारों एवं वकीलों की परेशानी के मद्देनजर वकीलों के द्वारा कोनी में निर्माण का विरोध किया गया था. आखिरकार प्रशासन द्वारा नया भवन अब नेहरू चौक पर पुरानी बिल्डिंग के स्थान पर ही बनाने का निर्णय लिया गया है. प्रस्तावित नई तहसील बिल्डिंठा को तीन मंजिला और प्रदेश स्तर पर भव्य बनाने की योजना है. इस संबंध में कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा भी पूर्व में कहा गया था तहसील का नया भवन राज्य स्तरीय बनाया जाएगा, जो बिलासपुर की पहचान बने.

लिए कोनी में भव्य भवन तैयार किया गया है, जहां हाल ही में कार्यालय शिफ्ट भी किया जा चुका है. आज की स्थिति में सर्किट हाऊस के ठीक बाजू में मुंगेली नाका चौक स्थित पुराना कमिश्नर कार्यालय पूरी तरह खाली है. पुराने कमिश्नर कार्यालय को तहसील कार्यालय की सभी शाखाओं के लायक पर्याप्त होने या छोटा पड़ने को लेकर अधिकारियों द्वारा भवन का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया था, जिसमें भवन को तहसील कार्यालय संचालन के लायक उपयुक्त पाया गया है. ऐसे में 26 जनवरी के बाद इसी भवन में तहसीली शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है.

बिलासपुर एसडीएम मनीष साहू ने बताया कि 6 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन के बाद तहसील भवन से दस्तावेजों की शिफ्टिंग पुराने कमिश्नर कार्यालय में प्रारंभ कर दी जाएगी. इस संबंध में सारे शाखा प्रमुखों को निर्देशित किया गया है.