इन्द्रपाल सिंह, इटारसी। ईरान इजराइल में चल रही जंग का असर अब मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के बासमती चावल कारोबार पर पड़ा है। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों में होने वाला चावल का निर्यात पिछले 6 दिनों से पूरी तरह ठप है। जिले से रोजाना करीब 1200 टन बासमती चावल खाड़ी देशों में भेजा जाता है, जबकि इटारसी और पिपरिया के कारखानों से करीब 20 से 25 टन चावल रोजाना निर्यात होता था। लेकिन समुद्री मार्ग प्रभावित होने के कारण करोड़ों रुपये का चावल बंदरगाहों और समुद्र में फंस गया है।
कई प्रोडक्शन यूनिट को उत्पादन बंद करना पड़ा
खाड़ी देशों में नर्मदापुरम के बासमती चावल की खास मांग रहती है। ईरान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और दुबई जैसे देशों में बड़े पैमाने पर इस चावल का इस्तेमाल किया जाता है। निर्यात रुकने से राइस मिलों के गोदाम तेजी से भर गए हैं और कई प्रोडक्शन यूनिट को उत्पादन बंद करना पड़ा है। इससे मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है, वहीं मंडियों में धान के दाम भी गिरने लगे हैं, जिससे किसान भी परेशान हैं।
बासमती चावल उद्योग बड़े संकट में आ सकता
इटारसी के चावल कारोबारी पंकज अग्रवाल के मुताबिक जिले के निर्यातकों का करोड़ों का चावल या तो समुद्र में फंसा हुआ है या फिर बंदरगाहों पर अटका हुआ है। कई ट्रक जो फैक्ट्रियों से निकल चुके थे, उन्हें भी वापस लौटाना पड़ा है। गोदाम पहले से ही भरे है, इसलिए नया माल तैयार करना भी बंद करना पड़ा है। अगर जल्द हालात सामान्य नहीं हुए तो नर्मदापुरम का बासमती चावल उद्योग बड़े संकट में आ सकता है। फिलहाल जंग का असर अब सीधे तौर पर व्यापार, मजदूरों और किसानों पर दिखाई दे रहा है।

