बिलासपुर। दीपावली के त्योहारी बाजार में पटाखों की खरीदी- बिक्री के बीच एमआरपी का खेल उपभोक्ताओं के लिए वर्षो से परेशानी का कारण बना हुआ है। कई पटाखा उत्पादों पर वास्तविक बाजार कीमत से 10 से गुना तक अधिक अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित होने की बात सामने आती है।
दुकानदार इसी बढ़ी हुई एमआरपी के आधार पर भारी छूट का दावा करते हैं, जबकि ग्राहक वास्तविक कीमत का आकलन नहीं कर पाते। इससे मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि एमआरपी के नाम पर होने वाली इस मनमानी पर निगरानी और नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था प्रशासन के पास भी नही है।
बाजार में किसी भी वस्तु की कीमत उसके निर्माण की लागत, परिवहन, वितरण खर्च और कंपनी के निर्धारित लाभ के आधार पर तय की जाती है। उपभोक्ताओं को कीमतों में पारदर्शिता मिले और खुदरा विक्रेता मनमाने दाम न वसूल सकें, इसके लिए अधिकतम खुदरा मूल्य यानी एमआरपी अंकित करने की व्यवस्था है। लेकिन दीपावली के दौरान पटाखा बाजार में इस व्यवस्था की उपयोगिता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।

त्योहारी सीजन में करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाले पटाखा बाजार में कई उत्पादों की एमआरपी वास्तविक बिक्री मूल्य की तुलना में कई गुना अधिक अंकित होने की शिकायतें सामने आती हैं। कुछ उत्पादों पर वास्तविक कीमत से 10 गुना तक अधिक एमआरपी होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में दुकानदार इसी बढ़ी हुई कीमत को आधार बनाकर ग्राहकों को 10 से 50 प्रतिशत तक छूट देने का दावा करते हैं। ग्राहक भी भारी छूट देखकर इसे फायदे का सौदा समझ लेते हैं, इसके बावजूद ठगे जाते हैं।
उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एमआरपी, पैकिंग और बिक्री मूल्य की जांच जरूरी है। शासन प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है पटाखा बाजार में मूल्य संबंधी नियमों की जांच कराने की मांग उठ रही है, ताकि छूट के नाम पर ग्राहकों को भ्रमित करने और अनुचित मुनाफा कमाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके।
कार्रवाई एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने तक सीमित
नापतौल विभाग की कार्रवाई का दायरा मुख्य रूप से अंकित एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने तक सीमित है। यानी पैकेट पर छपी कीमत से कम में बक्री करने पर विभाग को आपत्ति नहीं होती, लेकिन वास्तविक बाजार मूल्य से कई गुना अधिक एमआरपी अंकित करने के आधार पर होने वाले भ्रामक छूट के खेल पर कार्रवाई का सवाल जटिल है। ऐसे में नर्मािता कंपनियों द्वारा मनमाने तरीके से एमआरपी तय करने की व्यवस्था पर नियंत्रण और जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार ने पारित किया निंदा प्रस्ताव
बिलासपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट के कोर्ट रूम नंबर 49 में 27 अक्टूबर को न्यायमूर्ति अजय भनोट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता वीपी श्रीवास्तव के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, बिलासपुर ने निंदा प्रस्ताव पारित किया है।
एसोसिएशन ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा भी की है। इस संबंध में 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश सिंह बघेल की अध्यक्षता में आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायमूर्ति अजय भनोट के व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में अध्यक्ष रजनीश सिंह बघेल, सचिव अनिल त्रिपाठी, उपाध्यक्ष गौतम खेत्रपाल, महिला उपाध्यक्ष मांडवी भारद्वाज सहित अधिवक्ता विजय साहू, आस्था शुक्ला, राहुल मिश्रा, हरप्रीत भाटिया, प्रज्ञा पांडेय, अमन पांडेय, अभिषेक पांडेय, त्रिवेणीशंकर साहू, शरद मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, उज्ज्वल चौबे, लक्ष्मीन कश्यप और दीप्ति शुक्ला उपस्थित थे।
एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव में कहा कि अधिवक्ता हित सर्वोपरि है और अधिवक्ताओं के सम्मान एवं गरिमा की रक्षा के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया कि, इस मामले में वह इलाहाबाद हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के साथ खड़ा है और उसे अपना पूर्ण समर्थन देता है।
धान खरीदी के लिए 15 से पहले करें सभी व्यवस्थाः पिंगुआ
बिलासपुर। शासन की योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका सकारात्मक परिणाम आम लोगों के जीवन में दिखाई देना चाहिए। सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और अधिकारी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। यह बात जिले के प्रभारी सचिव एवं अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मनोज पिंगुआ ने बुधवार को जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कही।
बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्नू अधिकारी उपस्थित थे। प्रभारी सचिव ने सभी खरीदी केंद्रों में छाया, पानी, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने कहा। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2024-26 में 56,284 आवास पूर्ण कर बिलासपुर प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। आवास प्लस 2.0 के सर्वे में जिला पहले स्थान पर है। वीबी- जीरामजी योजना के तहत तीन हजार से अधिक कार्य स्वीकृत होने की जानकारी दी गई।
दीपावली पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने उतरेगा अतिरिक्त बल
बिलासपुर। दीपावली पर्व पर शहर के बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष व्यवस्था तैयार की है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और व्यस्त मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार एकांगी मार्ग, डायवर्सन, नो एंट्री और नो पार्किंग व्यवस्था लागू की जाएगी। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों और आम नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
एसएसपी रजनेश सिंह के दिशा-निर्देश और एएसपी यातायात रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन में शहर के प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था की तैयारी की गई है। सदर बाजार, गोल बाजार, हटरी चौक, शनिचरी बाजार और तेलीपारा रोड में भीड़ बढ़ने पर तत्काल डायवर्सन किया जा सकता है।
इसके लिए गांधी चौक, पुराना बस स्टैंड, वाल्मीकि चौक, सिम्स तिराहा, रामसेतु चौक और हैप्पी स्ट्रीट मार्ग सहित अन्य स्थानों को संभावित डायवर्सन स्थल बनाया गया है। पुलिस के बीट, यातायात पॉइंट, हाईवे, क्रेन पेट्रोलिंग और आपातकालीन ड्यूटी के माध्यम से जवानों की तैनाती रहेगी।
नाबालिग ने रची खुद के अपहरण की कहानी, पिता से मांगी 5 लाख की फिरौती
बिलासपुर। कार खरीदने की जिद पूरी नहीं होने पर एक नाबालिग ने अपने अपहरण की झूठी कहानी रचकर पिता से 5 लाख रुपए की फिरौती मांगने मैसेज कर दिया। नाबालिग ने पिता के मोबाइल पर मैसेज भेजकर अपने अपहरण की जानकारी दी और रिहाई के बदले रकम की मांग की। मैसेज मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया और पिता ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तलाश शुरू की और करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया। पूरा मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग अपने परिवार से कार खरीदने की जिद कर रहा था, लेकिन परिजन उसकी मांग पूरी करने को तैयार नहीं थे। इसी बात से नाराज होकर उसने परिवार पर दबाव बनाने के लिए खुद के अपहरण की साजिश रच डाली। मंगलवार सुबह 10:30 बजे नाबालिग ने अपने पिता के मोबाइल पर मैसेज भेजा, जिसमें अपहरण होने की बात कहते हुए रिहाई के बदले 5 लाख रुपए की फिरौती मांगी।
मैसेज मिलते ही पिता ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही एएसपी मधुलिका सिंह और एसीसीयू की टीम सक्रिय हुई और नाबालिग की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने लगातार पतासाजी करते हुए करीब चार घंटे के भीतर शाम 4 बजे नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वह कार खरीदना चाहता था, लेकिन परिवार उसकी मांग पूरी नहीं कर रहा था। इसी वजह से उसने खुद के अपहरण की झूठी कहानी रचकर पिता से 5 लाख रुपए मांगने की योजना बनाई थी।
शिक्षा विभाग में पदोन्नति घोटाला 16 प्रधान पाठकों को नोटिस जारी
बिलासपुर। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राथमिक शाला प्रधान पाठकों की पदोन्नति और संशोधन आदेशों में पाई गई गंभीर अनियमितताओं को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। विभाग द्वारा प्राथमिक जांच में पूरी प्रक्रिया दूषित पाए जाने के बाद संबंधित खंड लिपिक को निलंबित कर दिया गया है तथा विस्तृत रिपोर्ट राज्य कार्यालय लोक शिक्षण संचालनालय को प्रेषित की जा चुकी है। इस मामले की निष्पक्ष जांच और अंतिम निर्णय से पूर्व विभाग ने प्रभावित प्रधान पाठकों को नोटिस जारी कर अपने पक्ष और मूल अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कल 5 नवंबर को तलब किया गया है।
जिले में सहायक शिक्षकों को प्रधान पाठक प्राथमिक स्कूल के पद पर पदोन्नति दी गई थी। इसमें सितंबर 2025 में हाईकोर्ट के आदेश एवं कर्मचारियों के अभ्यावेदन के आधार पर प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति सह पदस्थापना संशोधन आदेश जारी किए गए थे। इसमें तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे और खंड लिपिक सुनील यादव की मिलीभगत से इस प्रकार की गंभीर अनियमितताओं को अंजाम दिया गया था।
मामले की प्राथमिक जांच में प्रक्रिया के पूरी तरह दूषित होने की पुष्टि होने के बाद, प्रारंभिक कार्रवाई के रूप में संबंधित खंड लिपिक को निलंबित किया जा चुका है तथा इस पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट राज्य कार्यालय को भेज दी गई है।
उपस्थित होना अनिवार्य
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पाण्डेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संबंधित सोलह प्रधान पाठकों को 5 नवंबर गुरुवार को दोपहर 12 बजे, कक्ष क्रमांक 6 डीईओ कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। साथ ही संबंधित शिक्षकों को निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो यह मान लिया जाएगा कि वे अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं करना चाहते हैं और विभाग उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
इस सुनवाई के दौरान शिक्षकों को पदोन्नति/संशोधन आदेश की प्रति, मूल पदस्थापना से कार्यमुक्ति प्रमाण पत्र, नवीन पदस्थापना का कार्यभार ग्रहण प्रमाण पत्र, विभाग के समक्ष प्रस्तुत अभ्यावेदन की प्रति और उच्च न्यायालय के निर्णय की प्रतिलिपि की मूल एवं सत्यापित प्रतियां प्रस्तुत करनी होगी।
रमा एकादशी पर गुरुवार का संयोग, नगर में है भगवान विष्णु की दुर्लभ प्रतिमा
मल्हार। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पुरातात्विक नगरी मल्हार में भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की दुर्लभ प्रतिमा विराजित है। इसमें भगवान विष्णु की नाभि से ब्रह्माजी प्रकट होते दिखाई देते हैं, जबकि माता लक्ष्मी उनके चरणों की सेवा करती हुई अंकित हैं। गुरुवार को रमा एकादशी के संयोग से प्रतिमा का धार्मिक महत्व और बढ़ गया।
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के इतिहास विभाग के अवकाश प्राप्त अध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार त्रिपाठी के अनुसार, यह प्रतिमा दसवीं शताब्दी के कलचुरीकालीन उत्कृष्ट मूर्तिकला का उदाहरण है। लेखक राजेश पांडेय ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित मल्हार में भीम कीचक, प्राचीन किलागढ़ और भगवान पातालेश्वर महादेव मंदिर सहित तीन प्राचीन स्मारक हैं।
मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भगवान विष्णु की यह दुर्लभ प्रतिमा दिखाई देती है। अकलतरी निवासी पंडित नीरज भूषण मिश्र ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी मनाई जाती है। मल्हार में भगवान विष्णु की चतुर्भुज प्रतिमा सहित उनके 24 अवतारों की प्रतिमाएं हैं, जिनमें श्रीकृष्ण, श्रीराम, वामन, नृसिंह और कल्कि प्रमुख हैं। यहां माता लक्ष्मी की भी अनेक दुर्लभ प्रतिमाएं हैं। रमा एकादशी पर पवित्र सरोवर में स्नान, दीपदान और अक्षयवट की परिक्रमा का भी विधान है।
नगर के भैना आदिवासी परिवार के बुजुर्ग रामहरि भैना ने बताया कि उनका परिवार अंग्रेजों के शासनकाल से देवउठनी एकादशी पर भगवान शिव- पार्वती के विवाह की बारात और शोभायात्रा निकालने की परंपरा निभा रहा है। इसमें सभी धर्मों, जातियों और संप्रदायों के लोग शामिल होते हैं।
ऑपरेटर की मौत पर बिजली विभाग के अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने अड़े ग्रामीण
तखतपुर। कुरेली सब स्टेशन में ऑपरेटर अमन साहू की करंट की चपेट में आने से हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बिजली विभाग की कथित लापरवाही और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से नाराज कुरेली एवं ढढन गांव के सैकड़ों महिला-पुरुष बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और आईजी, एसपी तथा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के ईई मिलिंद पाण्डेय, एई लव माथुर, जेई दीप्ति जायसवाल, तकनीकी सहायक चेतनानंद दुबे और ठेकेदार प्रशांत चटर्जी के खिलाफ गैरइरादतन हत्या एवं हत्या के प्रयास का अपराध दर्ज करने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि कर्मचारियों से पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के बिना विद्युत कार्य कराया जा रहा था। गम बूट और सुरक्षा दस्ताने तक उपलब्ध नहीं कराए गए थे। घटना की सूचना सुबह 8 बजे अधिकारियों को देने के बावजूद वे करीब चार घंटे बाद मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों अधिकारियों के कथित असंवेदनशील व्यवहार और ग्रामीणों को धमकाने का भी आरोप लगाया।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को व्यापक और उग्र किया जाएगा।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

