Bilaspur News Update : बिलासपुर. मल्हार के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण को बिगाड़ने, छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करने और गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. कलेक्टर के अनुमोदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राचार्य सहित तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से अन्य संस्थाओं में स्थानांतरित कर दिया गया है. इसके साथ ही छात्राओं की जीत हुई है. मल्हार स्कूल में विद्यालयीन प्रशासनिक व्यवस्था और छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार को लेकर जनप्रतिनिधियों और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से लगातार शिकायतें मिल रही थीं. एक अक्टूबर को विद्यालय की छात्राओं ने सीधे कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर प्राचार्य एवं अन्य शिक्षकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक त्रिस्तरीय जांच दल का गठन किया गया था. जांच दल ने 7 अक्टूबर को अपना विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें कई गंभीर खुलासे हुए. इसमें पाया गया कि स्कूल के प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार, सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने में अनियमितता, शाला शुल्क के नाम पर प्रति छात्र 500 रूपए की अतिरिक्त अवैध वसूली और शैक्षणिक दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मिली. इसी तरह व्याख्याता संजय दुबे छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार और अन्य प्रशासनिक व शैक्षणिक अनियमितताएं के आरोप सही पाए गए. व्याख्याता अर्थशास्त्र रश्मि गुप्ता छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार तथा उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन व अध्यापन कार्य भृत्य से कराए जाने जैसी गंभीर लापरवाही पाया गया. विद्यार्थियों के भविष्य, विद्यालय में स्वच्छ शैक्षणिक माहौल और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन के आगामी आदेश तक तीनों प्राचार्य और दोनों व्याख्याताओं को अन्य संस्थाओं में अस्थायी रूप से कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है. इसमें प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला को मल्हार से स्थानांतरित कर शासकीय हाई स्कूल कुकुदीर्केरा विकासखंड मस्तूरी भेजा गया है. व्याख्याता संजय दुबे को मल्हार से स्थानांतरित कर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखर विकासखंड मस्तूरी और व्याख्याता रश्मि गुप्ता को मल्हार से स्थानांतरित कर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पचपेड़ी विकासखंड मस्तूरी भेजा गया है. जहां शासन के आगामी आदेश तक काम करेंगे. इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है.
आजीवन कारावास की सजा काट रहे 21 कैदी रिहा
बिलासपुर. अच्छे व्यवहार, अनुशासन और बेहतर आचरण ने जेल की सलाखों के पीछे जीवन बिता रहे 21 कैदियों के लिए नई उम्मीद का रास्ता खोल दिया. बिलासपुर केंद्रीय जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे 21 कैदियों को रिहा किया गया है. इनमें 20 पुरुष और एक महिला कैदी शामिल हैं. इन सभी ने जेल में करीब 14 साल या उससे अधिक समय बिताया है. जेल में उनके व्यवहार और आचरण को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर उनकी रिहाई का निर्णय लिया गया. इस फैसले को कैदियों के जीवन में सुधार लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से दोबारा जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता पिछले कुछ महीनों से लगातार बिलासपुर केंद्रीय जेल का दौरा कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कैदियों से जुड़े विभिन्न मामलों पर गंभीरता से ध्यान दिया. साथ ही, कैदियों की मानसिक स्थिति, जेल में उनके व्यवहार और आचरण को समझने पर विशेष जोर दिया गया. जेल अधीक्षक के मुताबिक, डीजी हिमांशु गुप्ता ने ऐसे कैदियों को रिहा कर समाज की मुख्यधारा में दोबारा शामिल करने के लिए शासन स्तर पर पहल की, जिनका जेल में रहते हुए आचरण अच्छा रहा है और जिन्होंने अनुशासन का पालन किया है. इसी पहल के तहत 21 आजीवन कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ हुआ. जेल से रिहा हुए कैदियों के लिए यह केवल सलाखों से बाहर आने का अवसर नहीं, बल्कि अपने जीवन को नए सिरे से शुरू करने की उम्मीद भी है. लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब उन्हें समाज के बीच लौटकर सामान्य जीवन जीने का अवसर मिलेगा. इस पहल का उद्देश्य अन्य कैदियों को भी सकारात्मक व्यवहार और अनुशासन के लिए प्रेरित करना है. जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने कहा कि राज्य शासन के द्वारा आज 21 दंडित बंदियों को शासन माफी के तहत आजीवन कारावास के बंदियों को रिहा किया गया है. कुछ को निर्शत कुछ को सर्शत मुचलका के द्वारा छोड़ा गया है. सभी बंदी 14 से 16 साल तक की सजा काट चुके है.
डीजे में नाचने से मना किया तो आरक्षक की पिटाई
बिलासपुर. चकरभाठा क्षेत्र के परसदा में रहने वाले रामकुमार बांधे (29) सीएएफ में आरक्षक हैं. वे गुरुवार की रात 10 बजे किराना दुकान से सामान लेने जा रहे थे. रास्ते में एक जन्मदिन समारोह के दौरान डीजे बज रहा था और करीब 15 से 20 युवक नाच रहे थे. इसी दौरान मोहल्ले के छोटू रजक ने उन्हें भी नाचने के लिए कहा. रामकुमार के मना करने पर छोटू रजक ने अपने साथी राज रजक और अल्ताफ खान के साथ मिलकर गाली-गलौज शुरू कर दी. छोटू रजक और राज रजक ने कांटेदार डंडे से मारपीट की, जबकि अल्ताफ खान ने पास पड़े पत्थर से उनके सिर पर वार किया. हमले में आरक्षक के हाथ, दोनों पैरों, घुटनों, दाहिनी आंख के पास, माथे, सिर और कमर में चोटें आईं. घटना के दौरान शिवा राजपूत और राजेंद्र यादव ने बीच-बचाव किया. पुलिस मामले में शिकायत के आधार पर कार्रवाई कर रही है.
बिना लाइसेंस कारोबार, लाखों का पान मसाला जब्त
चांपा. बिना वैध लाइसेंस पान मसाला का कारोबार किये जाने की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने नगर के डोंगाघाट के पास सुजाता टी कंपनी से लाखों का पान मसाला जब्त किया हैं. जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बिना वैध लाइसेंस कारोबार किये किये जाने की शिकायत मिलने पर गोपनीय तरीके से सम्बंधित प्रतिष्ठान के बारे में जानकारी जुटाकर छापामार कार्रवाई की. इस दौरान दुकान के पीछे गोदाम में रखें लाखों रुपए के पान मसाला को जब्त करने की कार्रवाई की हैं. बताया जाता हैं कि विभाग के अधिकारी दोपहर करीब 12 बजे प्रतिष्ठान पहुंचे और जांच के बाद गड़बड़ी पाए जाने पर दुकान को सील करने कार्रवाई की. साथ ही लाखों के पान मसाला को जब्त किया गया. बहरहाल विभाग की इस कार्रवाई से नगर के व्यापारिक वर्ग में हड़कंप के साथ ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया हैं. हालांकि प्रतिष्ठान से जब्त सामान और की गई कार्रवाई के सम्बन्ध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी विभाग से प्राप्त होने के बाद ही स्तिथि स्पष्ट हो सकेगी.

बस एजेंट से मारपीट और रंगदारी वसूली, 3 गिरफ्तार
बिलासपुर. बिलासपुर में बस एजेंट से हफ्ता वसूली के पैसे मांगने और विरोध करने पर मारपीट करने का मामला सामने आया है. मामले में सरकंडा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों पर बस एजेंट और बीच-बचाव करने पहुंचे उसके साथियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है. घटना के दौरान करीब 3300 रुपये गुम होने की शिकायत भी दर्ज कराई गई है. बताया जा रहा है कि बस के हिसाब-किताब के पैसों को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद मारपीट की घटना हुई. मामले का एक अन्य आरोपी हसन खान फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है.
शिवम वाटिका से लापता महिला अमृतसर में मिली
बिलासपुर. शहर के मोपका स्थित शिवम वाटिका कॉलोनी से लापता हुई महिला का पता चल गया है. महिला के अमृतसर में होने की जानकारी मिलने पर बिलासपुर पुलिस की टीम वहां पहुंची और अब उसे लेकर वापस लौट रही है. महिला 2 अक्टूबर को अपने बच्चे को ट्यूशन छोड़ने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी. महिला अमृतसर कैसे पहुंची और उसके लापता होने की वजह क्या है, इसका खुलासा पूछताछ के बाद होगा.
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