कुंदन कुमार, पटना। दिल्ली दंगों 2020 की साजिश से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य की जमानत याचिकाओं सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने उमर खालिद, शरजील इमाम को जमानत देने से इंकार कर दिया है। वहीं मामले में अन्य 5 आरोपियों को जमानत मिल गई है।
जो मारे गए उसके लिए कहां था ह्यूमन राइट्स?
उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज होने पर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि, दिल्ली दंगे को लेकर जो ह्यूमन राइट्स की बात करते हैं, आज बेल की बात करते हैं, उन्हें जवाब देना चाहिए कि पचास लोग जो दिल्ली दंगे में मारे गए उसके लिए ह्यूमन राइट्स नहीं है?
तो लालू यादव को नहीं होती सजा- रवि शंकर प्रसाद
वही उन्होंने बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी को बहुत बड़ा जुझारू नेता बताया और कहा कि, सुशील मोदी अगर नहीं होते तो लालू यादव को चारा घोटाले में सजा नहीं होती। उन्होंने कहा कि, किसी में भी हिम्मत नहीं थी, उस समय लालू यादव से टक्कर लेने की। लेकिन सुशील मोदी ने चारा घोटाले का सबूत खोजकर निकाला और चारा घोटाले के मामले में लालू यादव को कई साल का सजा दिलवाया।
ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिए- गिरिराज
वहीं, बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि, मैं न्यायपालिका के फैसले का स्वागत करता हूं। उमर खालिद और शरजील इमाम ने चिकन नेक को काटने और देश के खिलाफ नफरत फैलाने का काम किया है; जो काम पाकिस्तान कर रहा है, वही काम ये कर रहे हैं। जो काम कसाब ने किया उसी तरह का काम ये कर रहे हैं। जो लोग उनका साथ दे रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए।
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