कुंदन कुमार, पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव के परिणामों ने राज्य की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की है। राजद समर्थित उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह ने इस सीट पर जीत हासिल कर पिछले 30 वर्षों से काबिज भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अजेय दुर्ग को ध्वस्त कर दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद राजद खेमे में जश्न का माहौल है, वहीं पार्टी नेतृत्व ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

​शिक्षा व्यवस्था और सदन में गूंजेंगे मुद्दे

​जीत के बाद राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनिर्वाचित प्रतिनिधि शिक्षा जगत की वास्तविक स्थिति को सदन के पटल पर पुरजोर तरीके से उठाएंगे।
​तेजस्वी ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि आज स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक पढ़ाई का स्तर गिर चुका है और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। उन्होंने उन तमाम मतदाताओं और समर्थकों का आभार जताया जिन्होंने राजद उम्मीदवारों पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इससे पहले कभी शिक्षक या स्नातक कोटे का चुनाव नहीं जीता था, लेकिन इस बार कार्यकर्ताओं की मेहनत से 30 साल पुराना किला ढहाने में सफलता मिली है।

​चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

​प्रेस को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सीधा सवालिया निशान लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान पारदर्शिता की कमी साफ देखी गई और कई जगहों पर नतीजे घोषित करने में जानबूझकर विलंब किया गया।
​उन्होंने दावा किया कि जिन तीन सीटों पर राजद को सफलता नहीं मिली, वहां परिणाम शाम 6 बजे तक जारी कर दिए गए, जबकि पटना सीट पर, जहां राजद उम्मीदवार की जीत तय थी, नतीजे देर रात घोषित किए गए। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि इस देरी के पीछे क्या कारण था? साथ ही, उन्होंने मतगणना स्थलों पर सीसीटीवी व्यवस्था और सूचना के आदान-प्रदान में खामियों का भी जिक्र किया।

​बीजेपी पर तंज और भविष्य की रणनीति

​तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ दल पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाएं आज बीजेपी के इशारे पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राजद किसी संवैधानिक संस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस कार्यशैली का विरोध करता है जो किसी पार्टी विशेष का समर्थन करती नजर आए।
​इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के विरोध मार्च का समर्थन करने की भी घोषणा की। फर्जी मतदाताओं के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नवल किशोर के मामले में हजारों फर्जी वोट कोर्ट के जरिए खत्म करवाए गए हैं। अंत में तेजस्वी ने हुंकार भरते हुए कहा कि पार्टी अगली बार इन चुनावों में और अधिक मजबूती और रणनीति के साथ उतरेगी।