हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बुढ़वा महादेव मंदिर के निर्माण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मंदिर निर्माण और प्रबंधन के अधिकार को लेकर दो गांवों के ग्रामीण आमने-सामने आ गए। रविवार को विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव और मारपीट हुई। इस हिंसक झड़प में 15 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें आधा दर्जन लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल पांच से छह लोगों को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया है।
मंदिर निर्माण के विवाद में भिड़े दो गांव, इलाके में मची अफरा-तफरी
घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे बड़कागांव ब्लॉक मोड़ के समीप हुई। मंदिर निर्माण के मुद्दे पर कांडतरी और गुरुचट्टी गांव के ग्रामीणों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों की ओर से पथराव और मारपीट शुरू हो गई। अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। एहतियात के तौर पर घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। घायलों का अलग-अलग स्थानों पर इलाज कराया जा रहा है।
क्या है बुढ़वा महादेव मंदिर विवाद की वजह?
बड़कागांव प्रखंड के महूदी पहाड़ की चोटी पर राजा दलेल सिंह ने प्राचीन शिव मंदिर का निर्माण कराया था। यह मंदिर बुढ़वा महादेव के नाम से प्रसिद्ध है। समय के साथ मंदिर की देखरेख और विकास को लेकर विवाद शुरू हो गया।
बताया जाता है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिर में स्थापित शिवलिंग को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद यह स्थल राज्य स्तर पर चर्चा में आया था।
पहले गुरुचट्टी गांव के ग्रामीण मंदिर की देखरेख करते थे। उनके प्रयास से पहाड़ के ऊपर तक पहुंचने के लिए सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं विकसित की गईं। मंदिर परिसर के विकास के लिए भी कई कार्य कराए गए।
इसके बाद बुढ़वा महादेव शांति सह विकास समिति का गठन कर उसका निबंधन कराया गया। इसमें कांडतरी, खेरातरी समेत बड़कागांव के कई गांवों के लोगों की भागीदारी थी।
अलग-अलग समितियों के गठन से बढ़ा विवाद
बाद में कांडतरी के ग्रामीणों ने अलग से समिति का निबंधन करा लिया। इसके बाद मंदिर के प्रबंधन, धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन और अधिकारों को लेकर दोनों गांवों के बीच मतभेद गहराने लगे।
विवाद सुलझाने के लिए कई बार सार्वजनिक बैठकें हुईं। पुलिस प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी आपसी सहमति बनाने की कोशिश की, लेकिन विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका।
मंदिर के नए निर्माण को लेकर फिर बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि पुराने मंदिर का नए सिरे से निर्माण कराने का मुद्दा विवाद की नई वजह बन गया। दोनों गांवों के ग्रामीण मंदिर निर्माण और उससे जुड़े अधिकारों को लेकर आमने-सामने हैं।
इस विवाद को लेकर एक दिन पहले थाने में आवेदन भी दिया गया था। इसके बावजूद रविवार को तनाव बढ़ गया और मामला पथराव तथा मारपीट तक पहुंच गया।
पुलिस बल तैनात, स्थिति पर प्रशासन की नजर
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रित कर ली गई है।
धार्मिक स्थल के निर्माण और प्रबंधन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब हिंसक संघर्ष में बदल गया है। ऐसे में प्रशासन के सामने दोनों पक्षों के बीच शांति और सहमति कायम करना बड़ी चुनौती है।

