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सावधान: कही आपका बच्चा तो नहीं ये जानलेवा खेल खेल रहा है ?

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क्या है ब्लू व्हेल गेम….

ब्लू व्हेल एक खतरनाक इंटरनेट गेम है. यह गेम एक आत्मघाती खेल माना जाता है, एक सोशल मीडिया समूह है, जो लोगों को खुद को मारने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. इसे instagram द्वारा सबसे तेजी से फैलाया जा रहा है. ऐसा लगता है कि इसे कुछ खास लोगो के द्वारा सोशल मिडिया के माध्यम से लोगो तक पहुंचाया जा रहा है. इस गेम में 50 टास्क दिया जाता है, हर दिन एक नया टास्क दिया जाता है, और इसे 50 दिन में पूरा किया जाता है. ठीक 50 दिन पूरा होने पर गेम खेलने वालो को सुसाइट करने का टास्क दिया जाता है. इस गेम को खेलते खेलते बच्चा इतना रम जाता है कि वो टास्क देने वाले की हर बात मानने लग जाता है, और उसके कहने पर सुसाइट जैसा कदम उठा के अपनी जान दे देता है.
दुनिया भर में इस गेम की वजह से अब तक सैकड़ो मौते हो चुकी है. अब इस गेम की बीमारी इंडिया में भी अपना पैर पसार चुकी है, इंडिया में इस गेम की वजह से कई बच्चे सुसाइट करके अपनी जान गवां बैठे है.

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यूरोप में इसे 2013 में बनाया गया..

कहां जाता है कि यूरोप में 2013 में फिलिप बुडेईकिन नामक युवक ने ब्लू व्हेल नामक गेम बनाया,और 4 साल बाद यह इंटरनेट गेम दुनियाभर में मौत के मौत का खेल बन चुका है. यह गेम गूगल स्टोर में उपलब्ध नहीं है जो है भी तो वो फेक है या वाइरस है. इसे सोशल मिडिया के माध्यम से लिंक द्वारा भेजा जाता है.  भारत में भी इस गेम की वजह से कई जाने जा चुकी है, यह एक खतरनाक संकेत है. इस गेम के आखिरी  50वा  टास्क पूरा करने के लिए गेम खेलने वाले को या तो अपने परिवार से किसी की जान ले जाती है, या फिर उसे खुद अपनी जान देनी पड़ती है. अधिकतर यह पाया गया है कि बच्चे बहुत मासूम होते हैं, और उनके अंदर यह हिम्मत नहीं आती कि वह परिवार के किसी सदस्य जैसे अपने माता पिता या भाई-बहन की जान ले सकें, इसीलिए वह खुद अपनी जान दे देते हैं.

छत्तीसगढ़ में भी युवा और बच्चे इसे सर्च कर रहे है..

आंकड़ों के मुताबिक ब्लू व्हेल गेम छत्तीसगढ़ में गूगल सर्च के माध्यम से 71 % सर्च हुआ है, सर्च करने वालो में युवा और बच्चे है, जो कि एक बहुत बड़ी खतरे की घंटी है. 30 राज्यों में पांचवे नंबर पर यह सर्च किया गया है, ब्लू व्हेल गेम या ब्लू व्हेल सुसाइड गेम के नाम से सबसे ज्यादा जिन 5  राज्यों में सर्च किया गया उनमें पंजाब, मध्य प्रदेश, केरल, दमन एंड द्वीप उसके बाद छत्तीसगढ़ है.छत्तीसगढ़ में रायपुर बिलासपुर भिलाई के युवा इस गेम को बहुत तेजी से सर्च कर रहे हैं जो है जो एक चिंता का विषय है. कई राज्यों ने तो इस गेम की भयावहता देखकर सीधे प्रतिबंध लगाने की मांग कर दी है, छत्तीसगढ़ सरकार को भी इस दिशा में जल्द कोई कड़े कदम उठाने की जरूरत है, अन्यथा छत्तीसगढ़ के बच्चे युवा इस ब्लू वेल गेम के चक्कर में आ जाएंगे अभी छत्तीसगढ़ में इस भयंकर गेम किए रोकथाम के लिए कोई कदम उठाया नहीं गया, जबकि मध्य प्रदेश में इस गेम पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर चुका है.

कैसे एक बच्चा इस गेम की वजह से अपने जान देता है.. 

यह गेम बच्चों को सोचने पर मजबूर कर देता है कि तुम हर वह काम कर सकते हो जो नामुमकिन है.इसमें बच्चा अपनी सोचने की शक्ति को ख़त्म करके उसकी हर बात मानने को मजबूर हो जाता है. ब्लू व्हेल खेलने वाले बच्चे से अपने शरीर में हर टास्क पूरा होने के बाद किसी नुकीली चीज से एक जख्म देने कहा जाता हैं. जो जख्म आखिर में एक व्हेल का रूप ले लेती है. उसके बाद आखरी 50वा टास्क में बच्चे को मजबूर किया जाता है कि उसे अपनी जान देनी होगी या परिवार के किसी सदस्य की जान लेना होगा. यह एक बड़ी चेतावनी है, एक परिवार के लिए और सरकार के लिए.

लल्लूराम डॉट कॉम का आग्रह है….

लल्लूराम डॉट कॉम हर मातापिता से आग्रह करता है कि जिन परिवार के बच्चे इंटरनेट या मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, वह अपने बच्चों पर पूरी नजर रखें कि कहीं आपका बच्चा इस ब्लू वेल गेम के चक्कर में तो नहीं आ गया, अगर आपका बच्चा पढ़ाई से मन हटा कर या काम धंधे से मन हटा कर सारा दिन इंटरनेट मोबाइल में लगा है, और गुमसुम सा रहने लगता है तो इसके लिए आप तत्काल अपने बच्चे के साथ बैठे और बातचीत करें। आप जितना ज्यादा समय हो सकता है अपने बच्चों दे और उनके अंदर चल रही बातों को समझें, वरना एक बार कही आपका बच्चा इस गेम के चपेट में आ गया, तो फिर उसे निकाल पाना मुश्किल होगा, बच्चा अगर गेम की चपेट में आ गया है तो उसे निकालने के लिए उसके साथ बैठकर उसे समझाएं और इससे परिणाम से जुड़ी खबरों को टीवी न्यूज़ पेपर या इंटरनेट के माध्यम उसे दिखाएं ताकि आपका बच्चा इस जंजाल से निकल जाए. जरूरत पड़ने पर आप एक अच्छे मनोचिकित्सक से सलाह ले सकते हैं. लल्लूराम डॉट कॉम इस खतरनाक इंटरनेट गेम को लेकर चिंतित है, और उसकी कोशिश है कि वह बच्चो और युवाओ को इस भयानक जानलेवा गेम में फसने से बचाएं ताकि एक परिवार इसकी चपेट में कही अपना बच्चा खो न दे.

दिल्ली हाईकोर्ट में इस गेम को इंटरनेट से हटाने के लिए एक जनहित याचिका लगाई गई है, जिस पर सुनवाई सोमवार को होगा।

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