कुंदन कुमार/नई दिल्ली/पटना। भारतीय मजदूर संघ (BMS) के राष्ट्रीय महामंत्री संजय कुमार सिन्हा ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। सिन्हा ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उनकी पांच सूत्री मांगों पर ध्यान नहीं देती, तो देश भर में बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।

​क्या हैं प्रमुख 5 सूत्री मांगें?

​संजय कुमार सिन्हा ने प्रमुखता से निम्नलिखित मांगों को सरकार के सामने रखा है:

​सार्वभौमिक श्रम कानून: श्रम कानूनों को बिना किसी भेदभाव या अपवाद के सभी श्रेणियों के श्रमिकों पर लागू किया जाए।

​ठेका प्रथा का अंत: ठेका श्रमिकों के शोषण को रोकने के लिए वर्तमान कानूनों में सख्त बदलाव हों।

​आंगनबाड़ी कर्मियों को हक: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘राज्य कर्मी’ का दर्जा देते हुए उन्हें उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए।

​त्रिपक्षीय तंत्र की बहाली: ठप पड़े त्रिपक्षीय तंत्र को पुनर्जीवित कर उसे व्यावहारिक और प्रभावी बनाया जाए।

​भर्ती पर लगी रोक हटे: सरकारी विभागों में सामान्य भर्ती पर लगी रोक को तत्काल समाप्त किया जाए।

​25 फरवरी को देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

​महामंत्री ने घोषणा की कि इन मांगों के समर्थन में आगामी 25 फरवरी को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर तमाम मजदूर संगठनों के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो आने वाले समय में एक निर्णायक और उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।