Lifestyle Desk – व्रत के दिनों में ज्यादातर घरों में साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा या फलाहार की दूसरी चीजें बनाई जाती हैं। लेकिन अगर आप एक ही तरह का खाना खाकर बोर हो चुके हैं और व्रत में कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो फराली हांडवो एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से नरम होता है। इसे समा के चावल और साबूदाना से तैयार किया जाता है और इसमें आलू, गाजर व भुनी मूंगफली डालने से इसका स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं।तो इस नवरात्रि व्रत में आप इसे जरूर ट्राय करें।

सामग्री

समा के चावल-1 कप
साबूदाना-½ कप
आलू-1 उबला हुआ
गाजर-1 छोटी बारीक कटी हुई
भुनी मूंगफली-2-3 बड़े चम्मच
हरी मिर्च-1-2 बारीक कटी हुई
अदरक-थोड़ा सा
जीरा-1 चम्मच
सफेद तिल-1-2 चम्मच
सेंधा नमक -स्वादानुसार
नींबू का रस-थोड़ा
जरूरत के अनुसार पानी
सेंकने के लिए थोड़ा तेल या घी

विधि

  1. सबसे पहले समा के चावल और साबूदाने को अलग-अलग साफ करके धो लें। इन्हें पर्याप्त पानी में कुछ घंटों के लिए भिगो दें।
  2. इसके बाद पानी निकालकर दोनों को मिक्सर में डालें और थोड़ा पानी मिलाकर दरदरा या हल्का महीन बैटर तैयार कर लें।
  3. बैटर को बहुत ज्यादा पतला न रखें। इसमें उबला हुआ आलू अच्छी तरह मैश करके मिलाएं। इसके बाद कटी हुई गाजर, हरी मिर्च, अदरक, भुनी और हल्की कुटी हुई मूंगफली, सेंधा नमक और थोड़ा नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिला लें।
  4. अगर आपके पास समय हो तो बैटर को कुछ देर आराम करने दें, ताकि सामग्री अच्छी तरह मिल जाए और हांडवो का टेक्सचर बेहतर बने।
  5. अब एक भारी तले वाला नॉनस्टिक या लोहे का पैन लें। इसमें थोड़ा तेल या घी गर्म करें। इसमें जीरा और सफेद तिल डालें। जब तिल हल्का चटकने लगे, तो तैयार बैटर को पैन में डालकर गोल आकार में फैला दें।
  6. हांडवो को बहुत ज्यादा मोटा न रखें, वरना अंदर से पकने में ज्यादा समय लग सकता है। अब इसे धीमी आंच पर ढककर पकाएं। नीचे की सतह सुनहरी और कुरकुरी होने लगे तो इसे सावधानी से पलट दें।
  7. दूसरी तरफ से भी धीमी आंच पर अच्छी तरह सेंकें। दोनों तरफ हल्का कुरकुरा होने के बाद इसे प्लेट में निकाल लें और टुकड़ों में काट लें।
  8. मूंगफली वाली हरी चटनी के साथ करें सर्वफराली हांडवो का स्वाद हरी चटनी के साथ और बढ़ जाता है। इसके लिए धनिया, हरी मिर्च, थोड़ी भुनी मूंगफली, नींबू का रस और सेंधा नमक को पीसकर चटनी तैयार कर सकते हैं।गरमा-गरम कुरकुरे फराली हांडवो को इस चटनी के साथ परोसें।

इन बातों का रखें ध्यान

हांडवो को कुरकुरा बनाने के लिए पैन को अच्छी तरह गर्म करने के बाद बैटर डालें, लेकिन सेंकते समय आंच धीमी रखें। तेज आंच पर बाहर की परत जल्दी सिक सकती है, जबकि अंदर का हिस्सा कच्चा रह सकता है। हांडवो पलटते समय भी जल्दबाजी न करें और एक तरफ अच्छी तरह सेट होने के बाद ही पलटें।

इस नवरात्रि या किसी भी व्रत में अगर साबूदाना खिचड़ी से कुछ अलग खाने का मन हो, तो समा के चावल से बना यह फराली हांडवो जरूर ट्राई कर सकते हैं। कुरकुरा तड़का, मूंगफली का स्वाद और हरी चटनी का कॉम्बिनेशन इसे स्वादिष्ट और अलग फलाहार बना देता है।