लखीसराय। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की TRE-3 शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। काफी समय से फरार चल रहे शातिर अपराधी प्रवीण कुमार सिन्हा उर्फ डब्लू मुखिया को EOU ने पटना के करबीगहिया इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। वह इस पूरे कांड के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता है।
गुप्त सूचना पर पटना में हुई घेराबंदी
EOU को 22 मार्च को ही पुख्ता इनपुट मिला था कि डब्लू मुखिया पटना आने वाला है। ADG नैयर हसनैन खान के निर्देश पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने डब्लू मुखिया के आने वाले रूट की निगरानी शुरू की। जैसे ही वह करबीगहिया क्षेत्र में पहुंचा, टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
11 साल से संजीव मुखिया का रहा है सारथी
मूल रूप से लखीसराय के कोनिपार गांव का रहने वाला प्रवीण उर्फ डब्लू मुखिया साल 2015 से ही परीक्षा माफिया संजीव मुखिया के गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह TRE-3 पेपर लीक की पूरी साजिश में शामिल था। संजीव मुखिया के इशारे पर उसने हजारीबाग के कोहिनूर होटल में अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र रटवाने का इंतजाम किया था।
लखीसराय में छिपा था
जांच के अनुसार, पेपर लीक कांड के वक्त डब्लू मुखिया खुद 5-6 स्कार्पियो गाड़ियों के काफिले के साथ करीब 30 अभ्यर्थियों को लेकर हजारीबाग पहुंचा था। जब पुलिस ने परीक्षा से ठीक एक दिन पहले कोहिनूर होटल में छापेमारी की, तो वह वहां से भाग निकलने में सफल रहा। तब से वह लखीसराय और आसपास के इलाकों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
293 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल, जांच जारी
EOU अब तक इस मामले में सरगना संजीव मुखिया सहित 293 अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। डब्लू मुखिया की गिरफ्तारी इस केस की कड़ियों को जोड़ने में अहम साबित होगी। फिलहाल पेपर लीक की इस बड़ी साजिश की गहराई से जांच अब भी जारी है, ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
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