हेमंत शर्मा, इंदौर। इंदौर में वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने राजनीतिक माहौल को फिर गरमा दिया है। इस वीडियो में खजराना क्षेत्र के एक भूमिपूजन कार्यक्रम में कांग्रेस पार्षद रुबीना खान के पति इकबाल खान बीजेपी नेताओं के साथ पूजन करते नजर आ रहे हैं। इसी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
दरअसल, वायरल वीडियो में खजराना इलाके में हुए भूमिपूजन कार्यक्रम में इकबाल खान, विधायक महेंद्र हार्डिया और महापौर पुष्यमित्र भार्गव समेत कई बीजेपी नेता पूजा-अर्चना करते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद वंदे मातरम विवाद को लेकर चल रही सियासत ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में बीजेपी विधायक और प्रदेश प्रवक्ता उषा ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और संविधान आधारित देश है, जहां किसी भी प्रकार का शासन शरीयत या अन्य धार्मिक कानूनों से नहीं, बल्कि संविधान से चलता है।
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उषा ठाकुर बोलीं- धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है लेकिन…
इसके साथ ही उषा ठाकुर ने कहा कि हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह स्वतंत्रता संविधान के दायरे में रहकर ही संभव है। उन्होंने वायरल वीडियो और उससे जुड़े बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
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वंदे मातरम को बताया देशभक्ति का प्रतीक
वहीं उन्होंने कांग्रेस नेता जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्हें वंदे मातरम का सम्मान है, तो ऐसे पार्षदों पर कार्रवाई करें। उषा ठाकुर ने वंदे मातरम को देशभक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसका सम्मान हर नागरिक को करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कुछ नेता जानबूझकर ऐसे विवाद खड़े कर समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा कर रहे हैं।

