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रायपुर. जेल में बंद नर्सों को दूसरे जिलों में भेजने की प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई है. इधर सेंट्रल जेल पहुँचकर विधायक सत्यनारायण शर्मा और महापौर प्रमोद दुबे जमकर विरोध कर रहे हैं. बस्तर जिला अध्यक्ष प्रार्थना राजदास ने कहा कि वे जहाँ भी रहेंगी साथ में रहेंगी. केंद्रीय जेल में अगर महिला कैदियों को रखने की ज्यादा क्षमता नहीं है तो ज्यादा गिरफ्तारियां क्यों की गई है? वे किसी भी अन्य जिला जाने को तैयार नहीं है, उनके साथ पुलिस प्रशासन गलत कर रही है.
जानकारी के अनुसार 607 नर्सों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि बताया जा रहा है कि सेंट्रल जेल में महिला कैदियों को रखने की क्षमता 238 की है. नर्सों को दूसरे जिलों के जेल में ले जाने की प्रशासनिक तैयारी पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में जमकर आक्रोश है. बता दें कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में हड़ताल कर रही प्रदेशभर की नर्सेस की गिरफ्तारी शुरू हो गई है. नर्सों की हड़ताल को लेकर सरकार ने करीब तीन दिन पहले एस्मा लगा दिया था. इसके बाद भी नर्स हड़ताल पर डटी रहीं.
नर्सों ने कह था कि ‘हमारी मांगें जायज हैं. सरकार लटकाए नहीं, हां या न में जवाब दे. यह कमेटी बनाकर टालने की कोशिश है.’ उधर गुरुवार रात आठ बजे संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के आदेश पर सीएमएचओ डॉ. केएस शांडिल्य ने नर्सों के विरुद्ध आजाद चौक थाने में एफआइआर दर्ज करवा दी. उनका कहना है कि शासन से निर्देश है. इसके बाद आज सुबह से नर्सों की गिरफ्तारी शुरू कर दी गई. गौरतलब है कि प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों की तीन हजार से अधिक नर्स बीते 14 दिनों से हड़ताल पर हैं, इससे अस्पताल का पूरा काम-काज प्रभावित हो रहा है. ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं. यही वजह है कि एस्मा लगा दिया गया था.