बृजभूषण शरण सिंह ने साकेत महाविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बीच ‘कॉकरोच’ शब्द के इस्तेमाल और सुप्रीम कोर्ट के नाम पर मार्च निकाले जाने पर सवाल उठाए. उन्होंने सकारात्मक सोच, न्यायपालिका के प्रति सम्मान और राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका पर जोर दिया.
अयोध्या. कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मंगलवार को साकेत महाविद्यालय में आयोजित सेवानिवृत्त शिक्षक विदाई एवं सम्मान समारोह में विद्यार्थियों के बीच ‘कॉकरोच’ शब्द के इस्तेमाल और सुप्रीम कोर्ट के नाम पर मार्च निकाले जाने पर चिंता जताई. उन्होंने सवाल किया कि देश किस दिशा में जा रहा है और मौजूदा परिस्थितियों में लोगों को अपनी भूमिका पर विचार करने की जरूरत है.
शैक्षणिक माहौल पर सवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वह साकेत महाविद्यालय के छात्र रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह जहां भी रहेंगे, वहां कुछ हलचल जरूर रहेगी और जब तक जीवित हैं, अपने सक्रिय होने का प्रमाण देते रहेंगे.
बदलते शैक्षणिक माहौल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालय की जगह कैंपस, विद्या के मंदिर की जगह कैंपस और गुरु-अध्यापक की जगह फैकल्टी जैसे शब्दों का इस्तेमाल बढ़ गया है. उन्होंने विद्यार्थियों के लिए ‘कॉकरोच’ शब्द के प्रयोग पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ये कॉकरोच कौन हैं, कहां से आए और उनका इतिहास क्या है.
सकारात्मक सोच पर जोर
पूर्व सांसद ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में दूसरों को दोष देने के बजाय हर व्यक्ति को अपनी भूमिका पहचाननी चाहिए. उनके मुताबिक, सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना और सकारात्मक संघर्ष के लिए तैयार रहना जरूरी है.
सुप्रीम कोर्ट मार्च पर जताई चिंता
बृजभूषण शरण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के नाम पर मार्च निकाले जाने पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आज न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश हो रही है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें किसी की कांग्रेस विचारधारा से परेशानी नहीं है. उन्होंने कहा कि उनके बाबा भी कांग्रेस के विधायक थे.
हालांकि, उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह की गतिविधियों के पीछे किसी बाहरी व्यापारी का हाथ हो सकता है.
राष्ट्र निर्माण में सबकी भूमिका
अपने संबोधन के अंत में बृजभूषण शरण सिंह ने राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति के योगदान को जरूरी बताया. उन्होंने रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान का उदाहरण देते हुए कहा कि सभी को देश के निर्माण में अपनी भूमिका तलाशनी चाहिए.

