गोंडा में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने यूजीसी विवाद, यूपीआई और उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी.
गोंडा. में सोमवार को एक निजी मेडिकल इंस्टीट्यूट के उद्घाटन कार्यक्रम में पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पहुंचे. कार्यक्रम में उनका और राम मंदिर ट्रस्ट समिति के सदस्य तथा श्री राम वल्लभाकुंज के महंत राजकुमार दास का स्वागत किया गया. इस दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
राहुल गांधी पर टिप्पणी
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में बृजभूषण शरण सिंह से राहुल गांधी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर सवाल किया गया. उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी के बारे में पहले भी अपनी बात रख चुके हैं और अब यह उनका दुर्भाग्य है.
बृजभूषण शरण सिंह ने यूजीसी से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर संघर्ष चल रहा है.
यूपी विभाजन पर क्या कहा
उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बयान पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने राजभर का बयान सुना नहीं है. उन्होंने कहा कि छोटे राज्य से क्या फायदा या नुकसान होगा और इस संबंध में क्या तर्क हैं, इस पर रिसर्च की जरूरत है, इसलिए तत्काल टिप्पणी नहीं की जा सकती.
यूपीआई को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर विचार कर रही है. वहीं, कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नकली तेल को लेकर भी लोगों को जागरूक रहने की बात कही.
राजकुमार दास का बयान
उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल महंत राजकुमार दास ने यूजीसी को लेकर हो रहे प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में आने वाले चुनाव को देखते हुए यह सब किया जा रहा है और इसके पीछे विदेशी फंडिंग तथा विदेशी आकाओं का इशारा है.
महंत राजकुमार दास ने उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के सांस्कृतिक आतंकवाद से जुड़े पुराने बयान पर भी टिप्पणी की. इस दौरान उन्होंने मुस्लिम और आतंकवाद से जुड़े विषय पर अपनी बात रखी.
कार्यक्रम में बृजभूषण शरण सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करते हुए नकली तेल के प्रति लोगों को जागरूक रहने की जरूरत बताई. उन्होंने मेडिकल संस्थान में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से शिक्षा और नियमित पढ़ाई पर भी जोर दिया.



