Rajasthan News: राजस्थान के बूंदी जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। तालेड़ा उपखंड के अल्कोदिया गांव में सोमवार सुबह आवारा कुत्तों के एक झुंड ने 10 साल की मासूम बच्ची रिंकू पर उस वक्त हमला कर दिया जब वह स्कूल जाने की तैयारी कर रही थी। कुत्तों ने बच्ची को इतनी बेरहमी से नोचा कि अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। इस घटना के बाद से पूरे गांव में भारी आक्रोश है और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 10 वर्षीय रिंकू सोमवार सुबह नहा-धोकर स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी। इसी बीच वह अपनी झोपड़ी से कुछ ही दूरी पर खुले में शौच के लिए गई। वहां पहले से घात लगाए बैठे आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक उस पर हमला बोल दिया। बच्ची की चीखें सुनकर जब तक घरवाले और गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़ते, तब तक कुत्तों ने उसे बुरी तरह लहूलुहान कर दिया था। आनन-फानन में उसे तालेड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही तालेड़ा थाना पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। एएसपी उमा शर्मा और पुलिस उपाधीक्षक राजेश टेलर ने परिजनों को ढांढस बंधाया। डॉक्टर लक्ष्मी के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड ने बच्ची का पोस्टमार्टम किया। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची के शरीर पर इतने गहरे घाव थे कि उसे बचा पाना नामुमकिन था। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में कुत्तों का आतंक नया नहीं है। 13 फरवरी को भी सीतापुरा के एक स्कूल में एक बच्ची पर हमला हुआ था, लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।

हंगामे की खबर मिलते ही जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव खुद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताया और मौके पर ही मुख्यमंत्री राहत कोष और प्रशासन की ओर से 1 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। साथ ही सामाजिक संस्थाओं के जरिए 1 लाख रुपये की अतिरिक्त मदद दिलाने का भरोसा दिया।

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