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धर्मेद्र यादव, निवाड़ी। मध्यप्रदेश में लोगों को राहत दिलाने और उनकी समस्याओं का त्वरित निदान के जिला कलेक्ट्रेट में सप्ताह में एक दिन जनसुनवाई दरबार लगाकर उनकी समस्याएं सुनी जाती है। आश्चर्य की बात हैं कि यहां भी नौकरशाही हावी है। लोगों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। बार-बार कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को एमपी में दो जिले के कलेक्टर जनदर्शन में दो अलग तरह के मामले सामने आए हैं। पहले मामले में कब्जा खाली कराने की मांग को लेकर परेशान शख्स ने अधिकारियों के सामने ही जहर खा लिया। वहीं दूसरे मामले में परेशान किसान जमीन पर लोटते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा और समस्या निराकरण की मांग फिर रखी। ।

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निवाड़ी शहर के वार्ड नंबर 13 निवासी एक शख्स ने कलेक्टर जन सुनवाई के दौरान जहर खा लिया। उसके जहर खाते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया। जनसुनवाई में मकान खाली करवाने का आवेदन लेकर पहुंचा था शख्स। मेवाड़ी के वार्ड नंबर 13 के रामसिंह परमार जिसे फर्रुखाबाद का निवासी बताया गया है। विगत दिनों उन्होंने मऊरानीपुर निवासी ग्रेटर फौजी को मकान भेजा था। जिसके बाद मकान पर कब्जा दिलाने के लिए पूर्व में आवेदन दिया था। समस्या का समाधान नहीं होने पर आज जनसुनवाई में अधिकारियों की मौजूदगी में जहर खा लिया।

दिनेश शर्मा, सागर। कलेक्टर जनदर्शन में तीन बार में सुनवाई नहीं हुई तो चौथी बार जमीन पर लोटते हुए कलेक्टे्रट पहुंचा पीडि़त किसान। दरअसल सागर जिले के जैसीनगर तहसील रमपुरा निवासी किसान संदीप ठाकुर की 13 जुलाई साल 2020 को बिजली के खंभे में करंट की चपेट में आने से एक गाय की मौत हो गई थी। गाय की मौत के बाद निर्धारित मुआवजा प्राप्त करने के लिए कई बार सीहोरा स्थित बिजली वितरण केंद्र, जैसीनगर तहसील कार्यालय और सागर कलेक्ट्रेट कार्यालय के चक्कर लगाकर थक चुका है।

सागर कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में भी तीन बार आवेदन देने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो चौथी बार किसान अनोखे अंदाज में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा। कलेक्ट्रेट गेट से जन सुनवाई स्थल तक जमीन पर लोटते हुए अधिकारियों के समक्ष पहुंचकर अधिकारियों को प्रणाम किया और मामले में निर्धारित मुआवजा दिलाने की मांग की।

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