बक्सर। जिले में छात्राओं के साथ छेड़खानी और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सख्त निर्देशों के बाद, डुमरांव प्रखंड के नथुनी अहिर के डेरा मध्य विद्यालय में तैनात दो शिक्षकों को सरकारी सेवा से पूरी तरह बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में दोनों पर लगे गंभीर आरोप पूरी तरह सही पाए गए हैं।
आरोपी शिक्षकों की पहचान और गंभीर आरोप
कार्रवाई की जद में आने वाले दोनों शिक्षकों की पहचान वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद कुमार के रूप में हुई है। इन दोनों शिक्षकों पर विद्यालय की छात्राओं के साथ छेड़खानी करने, आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने और ऑडियो के जरिए धमकियां देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामला सामने आने के बाद से ही शिक्षा विभाग ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया था और तुरंत जांच के आदेश दिए थे। विभागीय जांच के दौरान जब सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की गई, तो तमाम आरोप सही साबित हुए, जिसके बाद यह कठोर प्रशासनिक कदम उठाया गया।
निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक की पूरी प्रक्रिया
- 2 सितंबर: मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपी शिक्षकों को सबसे पहले निलंबित किया गया था।
- 3 सितंबर: निलंबन के ठीक अगले दिन उनके खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र गठित कर विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
- जांच रिपोर्ट: तय समय सीमा में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट अनुशासनिक प्राधिकार के समक्ष प्रस्तुत की गई।
- अंतिम निर्णय: उपलब्ध साक्ष्यों और रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा के बाद दोनों शिक्षकों को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का बड़ा फैसला लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद अब ये दोनों शिक्षक न केवल अपनी सरकारी नौकरी गंवा चुके हैं, बल्कि उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की सरकारी नियुक्ति के लिए पूरी तरह अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
सुरक्षा और मर्यादा से कोई समझौता नहीं
मामला संज्ञान में आते ही शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बक्सर के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को आरोपियों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। पुलिस को पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और गिरफ्तारी के बाद मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सुनिश्चित करने को कहा गया था।
अगस्त के अंत में यह मामला तब खुला जब स्कूल में भारी हंगामा हुआ और पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें एक आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार की गिरफ्तारी की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दूसरे की तलाश अभी भी जारी है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षक-छात्र मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।



