कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी गुरुवार से भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान के 10 दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इससे पहले कनाडा की ओर से एक बयान आया है। अपनी चिंताओं से बिल्कुल उलट, ओटावा सरकार का कहना है कि कनाडा में अब हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। टोरंटो स्टार के मुताबिक, कनाडाई सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में चर्चा करते हुए सुरक्षा वार्ता में हुई प्रगति और ओटावा-नई दिल्ली के बीच सहयोग का वर्णन किया।

कनाडाई अधिकारी ने क्या कहा?

रिपोर्ट में वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) सहित हमारे बीच बहुत मजबूत राजनयिक संबंध हैं, और मुझे लगता है कि हम कह सकते हैं कि हमें विश्वास है कि वह गतिविधि जारी नहीं है।” एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर हमें पता होता कि इस तरह की गतिविधियां जारी रहेंगी, तो मुझे नहीं लगता कि हम यह यात्रा कर रहे होते। अधिकारी ने बताया कि पहले की चिंताएं अब लागू नहीं होती हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी जारी किया बयान, लेकिन खंडन नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों के बयान पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने बाद में एक बयान जारी किया और कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय दमन, संगठित अपराध और कनाडा की धरती पर होने वाले आपराधिक कृत्यों से निपटने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी। हालांकि, बयान में अधिकारी की टिप्पणियों को वापस नहीं लिया गया। बयान में कहा, “कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ चल रहे संवाद के प्रति सम्मान, भारत के साथ दोबारा जुड़ाव के लिए हमारे चरणबद्ध दृष्टिकोण का आधार बना रहेगा।”

भारत पर कनाडा में हिंसक अपराधों का आरोप लगा चुका है कनाडा

कार्नी के भारत आने से पहले इस बयान की इसलिए चर्चा हो रही है क्योंकि कनाडा भारत पर हिंसक अपराधों में शामिल होने का आरोप लगा चुका है। कार्नी से पहले प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय एजेंटों पर ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तानी आतंकवादी और कनाडाई नागरिक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने के आरोप लगाए थे। इसके बाद तत्कालीन उच्चायुक्त संजय वर्मा सहित कई राजनयिकों को निज्जर हत्या से जोड़ा। भारत ने दावों को ‘बेतुका’ बताया था।

कितना अहम है कार्नी का यह दौरा?

प्रधानमंत्री कार्नी ट्रुडो के जाने के बाद पहली बार भारत आ रहे हैं। वे गुरुवार देर शाम को मुंबई हवाई अड्डे पर उतरेंगे। यहां उनकी व्यापार संबंधी कई बैठकें हैं। वे 2 मार्च को दिल्ली आएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरे में व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), प्रतिभा-संस्कृति तथा रक्षा क्षेत्रों पर बात होगी। तीन देशों के इंडो-पैसिफिक दौरे के तहत कार्नी भारत के बाद ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा-सिडनी और इसके बाद जापान के टोक्यो जाएंगे।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m