CG News : वीरेन्द्र गहवई, बिलासपुर. धर्मनगरी रतनपुर में दीपावली पर पटाखा दुकानों के लिए स्थान चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. अनुविभागीय अधिकारी (SDM) ने पटाखा दुकानें लगाने के लिए महामाया मंदिर परिसर को चयनित किया है. इस फैसले पर भाजपा-कांग्रेस के पार्षदों सहित नगर पालिका अध्यक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है. विरोध में जनप्रतिनिधियों ने तहसील कार्यालय में धरना दिया.

दरअसल, दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री के लिए नगर पालिका क्षेत्र में दुकानें है. सुरक्षा के लिहाज से मेला मैदान में टिन शेड वाली दुकानें भी तैयार थीं. इसके बावजूद एसडीएम की ओर से पटाखा दुकानों के लिए महामाया मंदिर परिसर का चयन किए जाने से विवाद शुरू हो गया.

CG News : मंदिर परिसर में पटाखा बाजार लगाने पर उठे सवाल

जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मंदिर परिसर में पटाखा बाजार लगाने की अनुमति देना सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब नगर पालिका ने मेला मैदान में सुरक्षित दुकानों की व्यवस्था की थी, तो फिर मंदिर परिसर को पटाखा दुकानों के लिए क्यों चुना गया? इस फैसले के खिलाफ भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के साथ नगर पालिका अध्यक्ष ने भी विरोध दर्ज कराया.

CG News : धरने के बाद हरकत में आया प्रशासन

जनप्रतिनिधियों के विरोध और धरने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल मच गई. तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, नगर पालिका सीएमओ और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने संबंधित स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान नियमों में कमियां पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने की बात कही गई. तहसीलदार एसडीएम के आदेश का हवाला देते हुए नजर आए. इससे पूरे मामले में जिम्मेदारी और निर्णय प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

आस्था के केंद्र में पटाखा बाजार लगाने की अनुमति क्यों?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर पालिका ने मेला मैदान में पटाखा दुकानों के लिए टिन शेड तैयार किए थे, तो एसडीएम ने महामाया मंदिर परिसर को ही इसके लिए क्यों चुना? क्या पटाखा दुकानों के लिए स्थान तय करते समय सुरक्षा मानकों और धार्मिक स्थल की संवेदनशीलता को ध्यान में रखा गया था? फिलहाल इस फैसले को लेकर विवाद जारी है.

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