युवाओं में फास्टफूड, जंकफूड और फ्रोजन फूड के प्रति बढ़ रही आसक्ति चिंता का विषय – डॉ. अजेय झा

विवेकानंद इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस में सेल्फ डेवलपमेंट विषय पर व्याख्यान का आयोजन

रायपुर. विवेकानंद इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस (कॉलेज डिवीजन), विवेकानन्द विद्यापीठ रामकृष्ण परमहंस नगर कोटा रायपुर में बुधवार को आजादी के अमृत महोत्सव के परिप्रेक्ष्य में अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया. इस व्याख्यान में डॉ. अजेय झा, प्रोफेसर व एसोसिएट डायरेक्टर सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी, सिक्किम मुख्य वक्ता व डॉ. समीर ठाकुर, सदस्य, पं. रविषंकर शुक्ल विष्वविद्यालय, कार्यपरिषद् विषिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे.

डॉ. अजेय झा ने अपने उद्बोधन में सेल्फ डेव्हलपमेंट विषय पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया. उन्होने चरित्र निमार्ण, काबिलियत, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य विषय पर अपने विचार प्रकट किए और सभी छात्रों को इन गुणों को आत्मसाथ करने के लिए उदाहरण प्रस्तुत किए. काबिलियत और निरूपणता प्राप्त करने के लिए सभी छात्र-छात्राओं को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर करेज जोन के तरफ अग्रसर होना है. लर्निंग को प्रेक्टिस में लाना चाहिए.

उन्होने छात्र छात्राओं को स्वस्थ शरीर मे स्वस्थ मन (साउंड मांइड इन ए साउंड बॉडी) का उदाहरण देकर प्रेरित किया. युवाओं में फास्ट फूड, जंकफूड एवं फ्रोज़न फूड के प्रति बढ़ रही आसक्ति पर उन्होने विषेष चिन्ता प्रकट की तथा सभी से तत्काल अपनी फूड हैबिट्स पर ध्यान देने का आवाह्न किया. युवाओं को इन वस्तुओं का न्यूनतम सेवन कर घर में बने पौष्टिक आहार, प्राकृतिक फल का नियमित सेवन कर अच्छे स्वास्थ्य से जुड़ने के लिए प्रेरणा दी.

इस अवसर पर विषिष्ट अतिथि डॉ समीर ठाकुर ने अपने वक्तव्य में स्वामी विवेकानन्द के जीवनवृत पर प्रकाष डालते हुए स्वामी के आदर्षो पर चलने के लिए प्रेरित किया. उन्होने स्वामी विवेकानन्द को समूचे विष्व के युवाओं का आदर्ष निरूपित कर सभी छात्रों को उज्जवल चरित्र निर्माण, त्याग तपस्या, कर्तव्य, राष्ट्र-प्रेम जैसे आदर्ष अपनाकर श्रेष्ठ जीवन जीने के लिए आव्हान किया. उन्होने अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानन्द के आदर्ष सूत्र ‘उत्तिष्ठत, जागृत प्राप्य वरान्निबोधत्’ अर्थात ‘उठो, जागो, और रूको मत’ को अपना जीवन मंत्र बनाकर अध्ययन करने की प्रेरणा दी.

इस व्याख्यान में स्वागत उद्बोधन कॉलेज के प्राचार्य रमाकांत प्रसाद द्वारा किया गया. उन्होने एक अच्छा इंसान बनने के लिए विद्यार्थियों को आदर्ष मूल्यों पर चलने का आव्हान किया. कार्यक्रम का संचालन योग विषय के सहायक प्राध्यापक रविषंकर साहू ने किया. इस व्याख्यान में कॉलेज के सहायक प्राध्यापक गजेन्द्र वैष्णव, शबनम चन्द्राकर, अनुराधा सिन्हा, प्रियंका साहू एवं समस्त छात्र-छात्रायें उपस्थित थे. व्याख्यान के समापन पर अतिथि वक्ता डॉ. अजेय झा को विवेकानंद इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस (कॉलेज डिवीजन) की तरफ से स्मृति चिन्ह भेंट किया गया.

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