नितिन नामदेव, रायपुर। खपरी गांव में अतिक्रमण हटाने को लेकर एनआरडीए (NRDA) द्वारा जारी नोटिस के बाद विवाद गहरा गया है. बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठ गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गांव के करीब 7 घरों को अतिक्रमण बताकर हटाने की तैयारी की जा रही है, जिनमें से 4 मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हुए हैं.

ग्रामीण लोकनाथ बारले ने बताया कि वे और उनके परिवार पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से इस जमीन पर रह रहे हैं. उनके अनुसार यह उनके पुरखों की जमीन है और उनके पास भूमि का पट्टा भी मौजूद है, इसके बावजूद उन्हें बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि एनआरडीए उनकी जमीन तो ले रहा है, लेकिन बदले में न तो जमीन दी जा रही है और न ही पुनर्वास की कोई व्यवस्था की गई है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि 9 दिसंबर 2025 को एनआरडीए की ओर से नोटिस भेजा गया था, जिसका लिखित जवाब भी दे दिया गया, लेकिन अब तक उस पर कोई जवाब नहीं आया. ग्रामीणों का आरोप है कि बिना जवाब दिए ही आज अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जिसके विरोध में वे धरने पर बैठे हैं.

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाएगा और उचित समाधान नहीं निकलेगा, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. वहीं, स्थिति को देखते हुए आज एनआरडीए द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है.