चंडीगढ़. चंडीगढ़ में ‘पेट्रोल लंगर’ बड़ी चर्चा में रहा. पहले लोग इसमें जाने को लेकर बेहद उत्साहित नजर साये लेकिन देखते ही देखते इसकी तस्वीर बदल गई. लोगो का उत्साह तब अव्यवस्था में बदल गया, जब भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सेक्टर-10 स्थित निर्धारित पेट्रोल पंप पर पहुंच गए. पेट्रोल या कूपन का वितरण शुरू नहीं होने और भीड़ बढ़ने के बाद स्थिति बिगड़ गई. हालात को देखते हुए यहां पुलिस बुलानी पड़ी और आखिरकार पेट्रोल पंप को बंद करना पड़ा.
यह पेट्रोल लंगर अमृतसर के सामाजिक कार्यकर्ता राकेश त्रेहन, जिन्हें ‘राजा दी किंग’ के नाम से भी जाना जाता है, की ओर से घोषित किया गया था. सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा के बाद चंडीगढ़ के अलावा आसपास के इलाकों से भी लोग अपन8 गाड़ियों के साथ पेट्रोल लेने पहुंच गए. देखते ही देखते भारी भीड़ पेट्रोल पंप में पहुंच गई.भीड़ इतनी बढ़ गई कि आयोजकों और पेट्रोल पंप संचालकों को पेट्रोल बांटना रोकना पड़ा. कई लोग बारिश में घंटों इंतजार करने के बाद बिना पेट्रोल लिए वापस लौट गए.
पुलिस ने संभाली स्थिति, वाहन भी जब्त किए
भीड़ बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने भीड़ को वहां से हटाया और यातायात में बाधा डाल रहे अथवा गलत तरीके से खड़े किए गए कुछ गाड़ियों को भी कब्जे में लिया. इसके बाद पेट्रोल पंप पर स्थिति सामान्य हुई. पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बताया कि घोषणा के बाद अचानक उमड़ी भारी भीड़ के कारण ईंधन वितरण का काम रोकना पड़ा.
राकेश त्रेहन इससे पहले नकद राशि और फास्ट फूड वितरण जैसे आयोजनों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं. उन्होंने आगे आईफोन बांटने की घोषणा भी की थी. इसी क्रम में चंडीगढ़ में ‘पेट्रोल लंगर’ की घोषणा की गई थी, लेकिन पहला आयोजन अव्यवस्था के बीच समाप्त हो गया.
- सहेलियों के साथ नहाने गई किशोरी की नदी में डूबकर मौत, घर में पसरा मातम
- फरीदकोट में नहर से 6 साल के बच्चे का शव बरामद, हाथ-पैर तार से बंधे; हत्या की आशंका से जांच में जुटी पुलिस
- मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशन में बड़ी कार्रवाई, विदेशों में छिपे एक दर्जन से ज्यादा गैंगस्टर भारत लाए गए
- गरबा से पहले राजनीतिक बवाल : डॉ. सलीम राज का विवादित बयान, बोले- मुस्लिम युवाओं के शामिल होने से छेड़छाड़ और लव जिहाद को बढ़ावा… राजीवलोचन महाराज ने कहा- एंट्री पर लगे रोक !
- केंद्रीय जेल रायपुर में पुलिस-प्रशासन का औचक निरीक्षण, डीसीपी क्राइम और एडीएम के नेतृत्व में 50 जवानों ने 4 घंटे तक खंगालीं अलग-अलग बैरकें

