Cheti Chand 2026 : चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन सिंधी समाज के लोग चेटी चंड का पर्व बड़े धूमधाम से मनाते हैं. मान्यता है कि इसी दिन भगवान झूलेलाल का जन्म हुआ था. भगवान झूलेलाल को सिंधी समाज का प्रमुख संरक्षक संत माना जाता है. इस साल चेटी चंड 20 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. यह पर्व चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मनाया जाता है. चेटी चंड को लेकर कई कथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं.

चेटी चंड का महत्व
चेटी चंड का पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. आमतौर पर यह पर्व उगादी या गुड़ी पड़वा के एक दिन बाद आता है. चेटी माह में चंद्रमा के प्रथम दर्शन के कारण इस दिन को चेटी चंड कहा जाता है.
पूजा का शुभ मुहूर्त
चेटी चंड की पूजा के लिए 20 मार्च 2026 को शाम 6:51 से रात 8:12 तक शुभ मुहूर्त रहेगा. इस मुहूर्त की अवधि 1 घंटा 22 मिनट होगी.
कैसे मनाते हैं चेटी चंड
चेटी चंड के अवसर पर वरुण देवता की भी पूजा की जाती है, क्योंकि सिंधी समाज भगवान झूलेलाल को जल देवता का अवतार मानता है. इस दिन सिंधु नदी के तट पर ‘चालीहो साहब’ नामक पूजा-अर्चना की जाती है. भक्त लकड़ी का मंदिर बनाकर उसमें एक लोटे में जल और ज्योति प्रज्वलित करते हैं, जिसे बहिराणा साहब कहा जाता है.
पूजा की विधि
इस दिन सिंधी समुदाय के लोग विभिन्न अनुष्ठान करते हैं और कई लोग व्रत भी रखते हैं. बेहराना साहिब बनाते हैं. जिसमें चीनी, फल, इलायची, तेल का दीया और अखो रखा जाता है. इसके साथ भगवान झूलेलाल की प्रतिमा लेकर झील या नदी तक जाते हैं. गेंहू के आटे के दीपक में पांच बत्ती जलाकर ज्योति जगन किया जाता है. इसके बाद बेहराना साहिब को पानी में विसर्जित किया जाता है, प्रसाद बांटा जाता है और गरीबों में दान दिया जाता है.
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