पंकज श्रीवास्तव, छपरा। जितिया पर्व के पवित्र अनुष्ठान के दौरान शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। छपरा के दरियावगंज घाट पर स्थित आरा-छपरा पुल के नीचे स्नान करने गई एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियां अचानक गहरे पानी में समा गईं। इस अचानक हुई दुर्घटना से घाट पर कोहराम मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डूबी हुई बच्चियों की पहचान चंदन राय की 13 वर्षीय बेटी आरती और सुनील राय की 10 वर्षीय बेटी सोनाक्षी के रूप में हुई है। दोनों बच्चियां आपस में रिश्तेदार और एक ही परिवार की बताई जा रही हैं, जिससे उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जितिया जैसे महान पर्व की खुशियां पलभर में मातम और चीख-पुकार में बदल गईं।
स्थानीय लोगों की मदद से तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की भीड़ दरियावगंज घाट पर उमड़ पड़ी। खबर लिखे जाने तक डोरीगंज थानाध्यक्ष राजशेखर और मुखिया प्रतिनिधि राजेश्वर चौधरी घटनास्थल पर मुस्तैदी के साथ मौजूद थे। स्थानीय नागरिकों और बचाव कर्मियों की मदद से नदी की तेज धाराओं में बच्चियों की खोजबीन लगातार की जा रही थी। हालांकि, समाचार प्रेषण तक दोनों बच्चियों का कोई भी सुराग नहीं मिल पाया था और उनकी तलाश के लिए अभियान युद्धस्तर पर जारी था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। मुखिया प्रतिनिधि राजेश्वर चौधरी एवं अन्य स्थानीय लोगों ने तीखे शब्दों में कहा कि पर्व-त्योहारों के मौके पर प्रशासन द्वारा घाटों पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में पूर्व में ही प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की गई थी, परंतु अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर घाट के दूसरे क्षेत्र का हवाला देकर टालमटोल कर दिया गया। यदि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर गोताखोरों और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाती, तो शायद इस अनहोनी को टाला जा सकता था। फिलहाल, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई दोनों बच्चियों के सुरक्षित मिलने की दुआ कर रहा है।

