पंकज श्रीवास्तव, छपरा। नवरात्र और विजयादशमी के समापन के बाद आज बुधवार को शहर के कालीबाड़ी में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा की विदाई की गई। विसर्जन से पहले मां दुर्गा का पूजन और हवन किया गया, इसके बाद पुष्पांजलि का कार्यक्रम किया गया। तत्पश्चात बंगाली रीति रिवाज के अनुसार माता की विदाई की गई और बंगाली समाज की सबसे बुजुर्ग महिला के द्वारा माता को सिंदूर लगाकर और खोईचा देकर माता को विदा किया गया।

महिलाओं ने एक-दूसरे को लगाया सिंदूर

बंगाली समाज की मान्यता के अनुसार उस बुजुर्ग महिला ने अन्य महिलाओं को सिंदूर लगाया और उसके बाद सभी महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर खेला का आयोजन किया गया। बंगाली समाज की महिलाओं के द्वारा एक विशेष प्रकार का आवाज उलू निकाली जाती है जिसे प्रत्येक शुभ अवसर पर किया जाता है। माता की विदाई और सिंदूर खेला के समय बंगाली समाज की महिलाओं के द्वारा उलू निकाला गया और एक दूसरे को जमकर सिंदूर लगाया गया।

105 साल से स्थापित हो रही है मां दुर्गा की प्रतिमा

गौरतलब है कि छपरा कालीबाड़ी बिहार के प्राचीन काली बाड़ी में से एक है। यहां पर पिछले 105 साल से हर नवरात्रि में मां दुर्गा के प्रतिमा की स्थापना होती है और बंगाली रीति रिवाज के अनुसार विधिवत ढंग से पूजा होती है और प्रत्येक श्याम ढाकी और ढोल की थाप पर विशेष आरती का आयोजन किया जाता है। इसे देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग उमड़ते हैं।

ये भी पढ़ें- बेगूसराय में दुर्गा पूजा के दौरान महिला कलाकार को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल, जांच के आदेश