रायपुर। विधानसभा में आज शराब की बिक्री का मामला सदन में उठा. जेसीसी विधायक धर्मजीत सिंह ने मामला उठाते कहा कि सरकार के जवाब में बताया गया है कि 11 हजार 128 करोड़ रुपये की शराब सरकारी दुकान से बेची गई. जबकि कोषालय में 8 हजार 278 करोड़ रुपये जमा हुआ है. ऐसी स्थिति में 2856 करोड़ रुपये कहाँ गए?

विपक्षी विधायक के सवाल का जवाब देते हुए आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि 2856 करोड़ रुपये शराब खरीदी, शराब के परिवहन जैसे मदों में खर्च किये गए हैं.

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि ये आपकी दुकान नहीं है कि सरकारी पैसा खर्च कर देंगे. पहले ये पैसा कोषालय में जमा होना चाहिए था. इसमें बड़ा घोटाला हुआ है, इसकी जांच कराई जानी चाहिए. मैं इसकी मांग करता हूँ.  मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि इस मामले में किसी तरह की जांच की जरूरत नहीं है. शराब खरीदने में राशि खर्च की गई है.

धर्मजीत सिंह ने कहा कि मंत्री गलत बयान दे रहे है. 2856 करोड़ रुपये कोषालय में जमा हुआ ही नहीं है. सरकार के रिकॉर्ड में ये बिक्री नहीं आई है. कोषालय में पैसा जमा नहीं हुआ है. महासमुंद में नौ करोड़ रुपये की अब तक की वसूली नहीं हुई है. आप धान के लिए परेशान हो रहे है. लेकिन इस विभाग में ही 2900 करोड़ रुपये का गबन हो रहा है. कांग्रेसी सदस्य बृहस्पति सिंह ने टिप्पणी की, जिस पर नाराज होकर धर्मजीत सिंह ने कहा कि इस तरह से मानव बम खड़ा ना करवाया जाए. इस तरह से विपक्ष के सवालों को रोका नहीं जा सकता. धर्मजीत सिंह ने सदन की समिति से जांच की मांग की, जिस पर स्पीकर ने कहा कि मैं इस पर विचार कर लूंगा