Chhattisgarh : लक्ष्मीकांत बंसोड़, बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के 11 गांवों में स्कूली बच्चों के परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के लिए ग्रामीणों और पालकों ने अनोखी पहल की है. संकुल केंद्र सुरडोंगर के अंतर्गत आने वाले इन गांवों में फैसला लिया गया है कि बच्चे शाम 6 बजे के बाद बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर नहीं निकलेंगे और समय का उपयोग पढ़ाई में करेंगे. बच्चों को नशे और गलत संगत से दूर रखने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल का असर अब दिखने लगा है. पालकों के मुताबिक, बच्चों के तिमाही परीक्षा परिणाम में सुधार आया है और उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि भी बढ़ रही है.ट्यूशन नहीं बच्चों के बेहतर परिणाम के लिए ग्रामीणों खुद ली जिम्मेदारी, फैसले का दिखने लगा असर
गांव-गांव में मुनादी कर लिया फैसला
बच्चों के लगातार खराब परीक्षा परिणाम और नशे के आदी लोगों की संगत से दूर रखने के लिए पालकों और ग्रामीणों ने यह फैसला लिया. गांव-गांव में मुनादी कराकर सभी को इसकी जानकारी दी गई. तय किया गया कि बच्चे स्कूल से घर लौटने के बाद शाम 6 बजे तक ही बाहर रह सकेंगे. इसके बाद उन्हें घर में रहकर पढ़ाई करनी होगी, ताकि वे नियमित रूप से पढ़ाई के लिए समय निकाल सकें और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें.
बच्चों को पढ़ाई के लिए मिल रहा ज्यादा समय

इस पहल से बच्चों की दिनचर्या में बदलाव आया है. बच्चों का कहना है कि पहले स्कूल से घर लौटने के बाद वे शाम को गांव में घूमते रहते थे, लेकिन अब शाम 6 बजे के बाद घर में रहकर पढ़ाई करते हैं. इससे उन्हें पढ़ने के लिए ज्यादा समय मिल रहा है. इसका असर तिमाही परीक्षा के परिणाम में भी दिखाई दिया है. उन्हें उम्मीद है कि नियमित पढ़ाई से आने वाली परीक्षाओं में उनका प्रदर्शन और बेहतर होगा.
100 पेज की कॉपी से हो रही पढ़ाई की निगरानी

बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से हो रही है या नहीं, इसकी निगरानी के लिए भी व्यवस्था बनाई गई है. प्रत्येक बच्चे को 100 पेज की एक कॉपी में प्रतिदिन की पढ़ाई का ब्यौरा लिखने के लिए कहा गया है. इस कॉपी में दर्ज जानकारी का पालक सत्यापन करते हैं और हस्ताक्षर के बाद इसे स्कूल भेजा जाता है. विद्यालय में शिक्षक बच्चों से कॉपी में लिखे विषयों से जुड़े सवाल पूछकर उनकी पढ़ाई की जांच करते हैं. इससे बच्चों की पढ़ाई पर घर और स्कूल, दोनों जगह नजर रखी जा रही है.
Chhattisgarh : गलत संगत और नशे से दूर रखने की कोशिश

सुरडोंगर हायर सेकंडरी स्कूल की पालक समिति के अध्यक्ष भुवेंद्र साहू ने बताया कि पिछले साल बालोद जिला परीक्षा परिणाम के टॉप-10 में जगह नहीं बना पाया था. बच्चों के गिरते रिजल्ट और नशे के आदी लोगों की संगत को देखते हुए पालकों और ग्रामीणों ने मिलकर यह फैसला लिया. उनका मानना है कि बच्चों को घर पर पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय देने और उनकी दिनचर्या पर नजर रखने से उनमें अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ेगा. साथ ही वे नशे और असामाजिक गतिविधियों से दूर रह सकेंगे.

Chhattisgarh : इन 11 गांवों ने लिया है फैसला
1.सुरडोंगर
2.कुंजकन्हार
3.मरकाटोला
4.कुर्सीटिकुर
5.मरदेल
6.मगरदाह
7.तुमडीसुर
8.जबकसा
9.लिमऊडीह
10.नयापारा
11.खल्लारीपारा
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H

