रायपुर. राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह ‘संवेदना भावों की अभिव्यक्ति 2025’ पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में 4 जनवरी यानी रविवार को बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया. समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, शाला संस्थापिका और महिला नागरिक सहकारी बैंक की अध्यक्ष मती सत्यबाला अग्रवाल, शाला संचालक संजय अग्रवाल और प्रबंधिका मती ज्योति अग्रवाल, सूर्या संस्कार फाउंडेशन के संचालक सिद्धार्थ अग्रवाल, शाला कार्यकारी निर्देशक मती मृणाली अग्रवाल, प्राचार्य राकेश चतुर्वेदी द्वारा विधिवत रूप से माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया. इसके पश्चात विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत स्वागत गीत ने समारोह को गरिमामय वातावरण प्रदान किया. इस अवसर पर विद्यार्थियों की मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने मंच पर इंद्रधनुषी रंगों की छटा बिखेरकर वहां उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया.

समारोह में मुख्य अतिथि बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि “पुरस्कार केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आपकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है.” उन्होंने अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति पर जोर दिया. कार्यक्रम में उपस्थित सम्माननीय अतिथि पुरंदर मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व, अनुशासन और संस्कारों पर प्रकाश डाला.

इस समारोह में सूर्या सामाजिक जनकल्याण समिति, महिला नागरिक सहकारी बैंक की अध्यक्ष और विद्यालय संरक्षिका मती सत्यबाला अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल थी. मती अग्रवाल द्वारा विद्यालय की नींव रखे जाने और उनसे प्राप्त मागदर्शन से आज विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है. समारोह में कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई.

इस अवसर पर शाला प्रबंधिका मती ज्योति अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन मूल्यों, संस्कारों और व्यक्तित्व विकास का आधार भी है.

विद्यालय के प्राचार्य राकेश चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासनात्मक व्यवस्था और आगामी शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों की लगन और अभिभावकों के सहयोग को विद्यालय की सफलता का मूल आधार बताया.

कार्यक्रम में विद्यालय की अन्य शाखा सी.पी.एस. किड्स एकाडमी शंकर नगर की प्राचार्या सु सुनंदा नायक, सी.पी.एस. किड्स एकाडमी गुढ़ियारी की प्राचार्या ओशीन खान और सी.पी.एस. किड्स एकाडमी बीरगॉव की प्राचार्या मती राखी साव ने अपना सक्रिय सहयोग प्रदान किया.

समारोह के दौरान सभी शाखाओं के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत सामाजिक चेतना, नैतिक मूल्यों पर्यावरण संरक्षण, श्रम शक्ति, नारी शक्ति और हिंदू दर्शन में चार युग, छत्तीसगढ़ी, राजस्थानी, पंजाबी समूह नृत्यों पर संवेदनाओं से ओत-प्रोत नृत्य, गीत, नाटक की सामूहिक प्रस्तुतियों दी गई. बच्चों की सजीव संवेदनात्मक अभिव्यक्तियों, आकर्षक वेशभूषा और आत्मविश्वासपूर्ण मंच प्रदर्शन ने दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की.

सी.पी.एस टाटीबंध पी.पी 2 के नन्हे-मुन्ने कलाकारों द्वारा शिक्षकों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए यह संदेश दिया गया कि शिक्षक वह दीपक है जो अपने संस्कार और शिक्षा के प्रकाश द्वारा सभी का मार्गदर्शन करते है. गुढ़ियारी शाखा नर्सरी के बाल कलाकारों द्वारा वृक्ष और जल को प्रकृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए यह संदेश दिया कि हरियाली से ही खुशहाली आती है और इन्हें बचाने से हमारा भविष्य सुरक्षित होगा.

शंकर नगर शाखा के पी. पी. 1 के बाल कलाकारों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता प्रस्तुत करते हुए देश के वीर सैनिकों के त्याग और साहस को नमन करते हुए कर्तव्य, संकल्प और सम्मान की रक्षा के भाव को दर्शाया. साथ ही पी.पी.2 के कलाकारों ने क्रिकेट में महिला खिलाड़ियों के विश्व कप विजेता बनने के गौरव को बताते हुए यह संदेश दिया कि हौंसलों की उड़ान की कोई सीमा नहीं होती.

मुख्य शाखा के कक्षा 1 के बच्चों ने स्वस्थ जीवन की राह बताते हुए प्रकृति के साथ समय बिताने और डिजिटल लत को दूर करने का संदेश देकर दर्शकों की वाहवाही लूटी. कक्षा 3 के नन्हें कलाकारों ने ‘छोटी खुशियाँ बड़ी मुसकान’ नृत्य द्वारा अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए यह बताया कि छोटी-छोटी खुशियों ही जीवन को सुंदर बनाती है. विद्यार्थियों ने समूह गीत ‘जल बचाओ, भविष्य बचाओ विषय पर जल की हर बूंद का महत्व बताते हुए सुरक्षित भविष्य के लिये जागरूकता का संदेश गया.

कक्षा 6 के नन्हें सितारों द्वारा ‘साइलेंट सेकरीफाई’ नृत्य में माता-पिता के त्याग और बलिदान का मूल्य बताते हुए यह संदेश दिया कि उनका मौन प्रेम ही बच्चों के भविष्य को संवारते है. किसानों की साधना को प्रदर्शित करती सी.पी.एस मुख्य शाखा और बीरगॉव शाखा के विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि मिट्टी से सोना उगलने वाला ही सच्चा अन्नदाता है. सभी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया.

कक्षा 7 के विद्यार्थियों ने मानवता के प्रति सम्मान के भाव को सर्वोपरि मानते हुए यह संदेश दिया कि जहाँ शब्द मधुर और भाव सच्चे हो वहीं वास्तविक सम्मान होता है. वहीं कक्षा 8 के बच्चों ने नारियों के बलिदान और आत्सम्मान के भावों की मनमोहक प्रस्तुति द्वारा यह संदेश दिया कि बलिदान की आग में तपकर ही शक्ति का स्वरूप निखरता है.

कक्षा 9 और 11 के विद्यार्थियों ने चारों युगों की बदलती परिस्थितियों को नाटक नृत्य द्वारा प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि मन में सत्य करूणा और न्याय का भाव रखकर हम आज भी धर्म जीवित रख सकते है. कक्षा 8 से 11 के विद्यार्थियों ने नशामुक्ति के प्रति जागरूकता का संदेश दिया कि नशा नहीं, आत्मसंयम ही जीवन को दिशा देता है.

योग को स्वस्थ तन और मन का आधार बताते हुए कक्षा 9 से 11 के विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है. यह हमारे शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है.

अबेकस और वैदिक गणित द्वारा विद्यालय के छात्रों ने अपनी गणितीय और विश्लेषणात्मक क्षमता को प्रदर्शित किया. उनकी मार्गदर्शिका सविता केला ने इसकी उपयोगिता बताते हुए कहा कि इससे बच्चों के आत्मविश्वास और रचनात्मकता में वृद्धि होती है. जिससे वे तेजी से गणितीय गणना करने में महारत हासिल करते है.

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पुरस्कार वितरण समारोह रहा. विद्यालय के शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रमी गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र और मेडल और ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया गया. उन्होनें उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी तथा उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम और सह-पाठ्यकमी उपलब्धियों का श्रेय शाला प्रबंधन, प्राचार्य तथा शिक्षकों के अटूट समर्पण को दिया.

जिसमें मुख्य रूप से बारहवीं (विज्ञान) में पृथ्वी देवांगन ने 93 प्रतिशत प्राप्त कर शाला में प्रथम और कक्षा दसवीं में मानसी शर्मा ने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शाला का नाम गौरवान्वित किया.

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा. अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया.