Rajya Sabha Elections 2026: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) का सियासी असर बिहार में और बढ़ता दिख रहा है। दरअसल लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बाद पार्टी की नजर अब 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव पर है। दरअसल सियासी हलकों में यह चर्चा है कि चिराग अपनी मां रीना पासवान को राज्यसभा भेजने की तैयारी में हैं।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है, 16 मार्च को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, जिसमें बिहार की भी 5 राज्यसभा सीटों पर मतदान होना है। बता दें कि इन सीटों पर राजद के अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेमचंद गुप्ता, जदयू के रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह तथा रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा है।

राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 41 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। ऐसे में एनडीए को चार सीटें आसानी से मिलती दिख रही हैं, जबकि महागठबंधन के पास सिर्फ 35 विधायक होने से उसकी राह मुश्किल नजर आ रही है। विधानसभा की मौजूदा संख्या की बात करे तो भाजपा के 89, जदयू के 85 और लोजपा (रामविलास) के 19 विधायक हैं। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा की आएलएम के पास महज 4 विधायक हैं।

भाजपा की ओर से पार्टी अध्यक्ष बने नितिन नबीन का राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं, जदयू भी अपनी दो सीटें आराम से बचाती दिख रही है। हालांकि सबसे अधिक दबाव उपेंद्र कुशवाहा पर होगा। ऐसे में अगर चिराग की पार्टी राज्यसभा सीट पर दावा करती है, मौजूद संख्या बल के आधार पर उसकी दावेदारी मजूबत मानी जा रही है। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा की सीट पर खतरा मंडराता दिख रहा है।

उधर एनडीए की नजर राज्यसभा की सभी 5 सीटों पर है। दरअसल अगर चुनाव में क्रॉस वोटिंग होती है या फिर विपक्ष के कुछ विधायक मतदान में नहीं शामिल होते हैं, तो सभी 5 सीटों पर एनडीए की जीत तय मानी जा रही है। राजद के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं होगा।

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