अनमोल मिश्रा, चित्रकूट/सतना। धर्म, आस्था और अध्यात्म की पावन नगरी चित्रकूट में दीपावली के विशेष अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक बेहद अलौकिक, श्रद्धालु और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। अपने चित्रकूट प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने आरोग्यधाम से लेकर पवित्र मंदाकिनी तट और भगवान कामतानाथ के दरबार तक पहुंचकर सनातन परंपराओं के तहत दर्शन-पूजन किए। इस दौरान उनके दौरे में भक्ति, आस्था और जनसेवा का अनूठा संगम नजर आया।

आरोग्यधाम में संतों का आशीर्वाद और मंदाकिनी में किया दीपदान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सबसे पहले चित्रकूट के आरोग्यधाम पहुँचे, जहां उन्होंने परंपरा के अनुसार संतों का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। संतों के प्रति मुख्यमंत्री की गहरी श्रद्धा और सत्कार का यह क्षण बेहद खास रहा। इसके बाद मुख्यमंत्री पवित्र मंदाकिनी नदी के तट पर पहुँचे, जहां उन्होंने पूरी आस्था के साथ दीपदान कर दीपोत्सव की ज्योति प्रज्वलित की। मंदाकिनी के तट पर दीपों की जगमगाती रोशनी और अलौकिक धार्मिक वातावरण ने चित्रकूट की आध्यात्मिक छटा को और अधिक गरिमामयी बना दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद बच्चों से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की, उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें अपने हाथों से उपहार व मिठाइयां भेंट कीं। बच्चों के चेहरों पर उपहार पाकर आई खुशी ने इस दौरे को और भी खास बना दिया।

कामतानाथ के दरबार में की देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना

दीपावली के पावन पर्व पर उमड़े आस्था के सैलाब के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रसिद्ध चित्रकूट दीपावली मेले में शामिल होने पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान श्रीकामतानाथ स्वामी के प्राचीन मुखारबिंद मंदिर में जाकर मत्था टेका और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान कामतानाथ से संपूर्ण देश और मध्य प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं निरंतर उन्नति की प्रार्थना की।

कुल्हड़ वाली चाय का आनंद और स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण

मंदिर में दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री ने परिसर में मौजूद आम श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की और सभी को दीपावली पर्व की आत्मीय शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने बच्चों को मिष्ठान के पैकेट वितरित किए। मेले के दौरान प्राचीन मुखारबिंद परिसर में संचालित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मुख्यमंत्री का एक बेहद सहज और लोक-संस्कृति से जुड़ा रूप भी सामने आया, जब उन्होंने भगवान कामतानाथ के दर्शन के बाद स्थानीय परंपरा के अनुसार कुल्हड़ वाली चाय का आनंद लिया।

प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजामों के बीच संपन्न हुआ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह चित्रकूट दौरा पूरी तरह से भक्ति, आस्था, लोक कल्याण और आत्मीयता के नाम रहा।

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