दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास (Saurav Das) और आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने हिरासत में ले लिया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने दोनों को जंतर-मंतर से हिरासत में लिया। जंतर-मंतर(Jantar-Mantar) को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद यह कार्रवाई सामने आई है। दिल्ली में प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को निर्धारित स्थल बनाया गया है।

इससे पहले 10 अक्टूबर को CJP के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें एहतियातन गिरफ्तार किया गया। रविवार को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद तीनों को रिहा कर दिया गया था। रिहाई के दौरान उनके सामने यह शर्त रखी गई थी कि वे एक साल तक शांति भंग करने वाली किसी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे और अपना व्यवहार अच्छा बनाए रखेंगे।

इस साल सिर्फ तीन दिन खाली है रामलीला मैदान

प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों में रामलीला मैदान की उपलब्धता भी एक चुनौती है। जानकारी के मुताबिक, इस साल रामलीला मैदान केवल 29 से 31 दिसंबर तक ही खाली है। ऐसे में प्रदर्शन आयोजित करने के लिए जगह की उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

जंतर-मंतर पर अब नहीं हो सकेंगे प्रदर्शन

दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के 11 अक्टूबर के स्थायी आदेश के तहत अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं किए जा सकेंगे। इसके बजाय रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी (सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट) मैदान को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है।

CJP की चेतावनी- ‘पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा’

दिल्ली में जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटाने के फैसले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि अगर विरोध की आवाज दबाने की कोशिश जारी रही, तो पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा। वहीं, सीजेपी नेता सौरव दास ने इस फैसले को मनमाना बताते हुए इसे मानने से इनकार किया है। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की बढ़ती मांग के बीच नरेंद्र मोदी सरकार उन्हें बचाने के लिए नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आशंका जताई कि मौजूदा हालात में एक दिन ऐसा भी आ सकता है, जब भाजपा देश से लोकतंत्र को ही हटा दे।

‘युवाओं, पत्रकारों और सांसदों पर हो रही कार्रवाई’

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं और पत्रकारों पर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस सांसदों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है। दीपके ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ज्ञानेश कुमार इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं कि उन्हें बचाने के लिए सरकार सभी के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार है। उनके ये आरोप मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विवाद के बीच सामने आए हैं।

जंतर-मंतर को लेकर सीजेपी ने जताई नाराजगी

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि विरोध दर्ज कराने के लिए निर्धारित स्थानों पर भी रोक लगाई जाती है, तो लोग देशभर में अपनी आवाज उठाने के लिए मजबूर होंगे। वहीं, सीजेपी नेता सौरव दास ने कहा कि पार्टी जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने इसे मनमाना फैसला बताते हुए कहा कि पार्टी इसका विरोध जारी रखेगी।

SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद

सीजेपी और विपक्षी दल मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m