अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक ओर जहां पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में महिला अपराधों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता अभियान और सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिनों पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों और संस्थाओं से जुड़ी उन महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने महिला सुरक्षा, जागरूकता और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बाल विवाह, दुष्कर्म जैसे अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को सशक्त बनाना था, लेकिन इसी बीच जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के गंभीर मामले सामने आए हैं।

 जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया, जिस पर एक युवती के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने और धमकाने का आरोप है। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, वहीं अमलाई थाना क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जहां आरोपी ने शादी का प्रलोभन देकर युवती का शोषण किया,जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने इंकार कर दिया, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जागरूकता अभियानों के बावजूद आखिर ऐसे अपराध क्यों नहीं रुक पा रहे हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जरूरत है कि समाज में जागरूकता के साथ-साथ कड़ी निगरानी और सख्त कदम भी उठाए जाएं, ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। 

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