भुवनेश्वर : ओडिशा हाई कोर्ट ने पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) जारी करने पर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि गाड़ी मालिकों को PUCC लेने से पहले सभी पेंडिंग चालान क्लियर करने होंगे।

एडवोकेट जनरल पीतांबर आचार्य ने बताया कि यह फैसला मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 167, सब-सेक्शन 12 के तहत पास किया गया था। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अगर बकाया चालान का पेमेंट नहीं किया गया है तो PUCC जारी नहीं किया जा सकता।

यह केस, जिसमें कम्प्लायंस और एनफोर्समेंट पर सवाल उठाए गए थे, इस निर्देश के साथ खत्म हुआ। यह फैसला गाड़ी मालिकों के लिए जवाबदेही को असरदार तरीके से मज़बूत करता है और पॉल्यूशन कंट्रोल नियमों का सख्ती से पालन पक्का करता है।

हाई कोर्ट का फैसला सड़क सुरक्षा और पर्यावरण स्टैंडर्ड को लागू करने के लिए सरकार के कमिटमेंट को भी दिखाता है। PUCC जारी करने को चालान क्लियरेंस से जोड़कर, अधिकारियों का मकसद उल्लंघन को कम करना और मोटर व्हीकल एक्ट के कम्प्लायंस को बेहतर बनाना है।