लुधियाना. भगवंत मान ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की जयंती के जश्न-ए-इंकलाब के दौरान
उन्होंने भगत सिंह को हर युवा के लिए प्रेणनादायक बताया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर पुरुष की गाथा जितनी कहो कम हैं, उन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता है.आज के दिन एक ऐसे विचार और क्रांति का जन्म हुआ जिसने देश का भाग्य बदल दिया.

इस मौके पर हजारों युवाओं को मुख्यमंत्री ने संबोधित किया. लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के मैदान में उन्होंने श्रद्धांजलि दी.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन की शुरुआत शहीद भगत सिंह के जीवन और विचारों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की. भगत सिंह के एक कथन को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रेम करना सबका अधिकार है, लेकिन देश को प्रिय बनाने वाले वीर हमेशा जनता के दिलों में अमर रहते हैं. उन्होंने कहा कि आज से एक हजार साल बाद भी भगत सिंह 23 वर्ष के ही रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे.

पिछली सरकारों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए भगवंत मान ने कहा कि पहले शहीदों के बलिदान को भुलाकर केवल औपचारिक रूप से ही पुष्पमालाएं पहनाई जाती थीं. उन्होंने कहा कि जब भ्रष्टाचार में सने हाथों से शहीदों के गले में पुष्पमालाएं पहनाई जाती हैं, तो शहीदों की आत्माएं भी पीड़ा झेल रही होंगी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने शहीद भगत सिंह के विचारों और मान्यताओं को संरक्षित रखने के लिए राजभवनों के बजाय उनके गांव खटकर कलां में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया.

शिक्षा क्षेत्र में क्रांति और NEET के परिणाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि
वर्ष 2021 में स्कूल शिक्षा के मामले में पंजाब 28 राज्यों में से 27वें स्थान पर था. लेकिन ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की स्थापना, स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और सिंगापुर तथा फिनलैंड से शिक्षकों के प्रशिक्षण के कारण पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए केंद्र सरकार की रैंकिंग में देश में पहला स्थान प्राप्त कर लिया है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 बच्चे ही NEET परीक्षा उत्तीर्ण कर पाए थे, जबकि हाल के परिणामों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण करके इतिहास रच दिया है. उन्होंने कहा कि ये वे बच्चे हैं जिनके माता-पिता मजदूर, वाहन चालक या साधारण परिवारों से हैं और अब वे डॉक्टर बनेंगे.

स्वास्थ्य सेवाओं में पंजाब आगे

स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि राज्य में लगभग 1100 आम आदमी क्लीनिक चल रहे हैं, जहां अब तक साढ़े पांच करोड़ से अधिक ओपीडी मरीज आ चुके हैं और लोगों को मुफ्त जांच और दवाएं मिल रही हैं. इसके अलावा, दिन के समय कृषि कार्यों के लिए नहर का पानी और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है.

रोजगार के बारे में बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार ने बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के विशुद्ध योग्यता के आधार पर युवाओं को 70,892 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जिसके कारण युवाओं के विदेश जाने की प्रवृत्ति कम हो गई है. भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि वे राज्य के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ने को तैयार हैं, चाहे वह पंजाब के जल का मुद्दा हो, एसवाईएल, बीबीएमबी या भाखरा का. उन्होंने कहा कि उनका खून का हर कतरा पंजाब के लिए समर्पित है.